बिहार के उत्तरी भाग में पड़ने वाले क्षेत्रों में बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है. वही नेपाल में भारी बारिश के बाद लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. इंडो-नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर गंडक बराज से बीती रात 2.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. बराज से दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से फिर हालात बिगड़ने की संभावना है.मौसम विभाग के अनुसार अगले दो तीन दिनों में फ़िर वर्षा की आशंका जताई गई है. हालाकि अभी वाल्मीकिनगर में मौसम का मिजाज खुशनुमा है लेकिन गंडक के जल ग्रहण क्षेत्र में हुई वर्षा के कारण गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से एसएसबी झंडू टोला बीओपी में फिर तीसरी बार बाढ़ का पानी घुसने से जवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
इंडो नेपाल सीमा पर सरहद की सुरक्षा में तैनात एसएसबी 21वीं बटालियन के जवानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. वहीं वाल्मीकिनगर के चकदहवा, झंडू टोला, बीन टोली, कानही टोली में बाढ़ की आशंका से ग्रामीण भयभीत हैं.
हालाकि, गंडक नदी का जलस्तर फ़िलहाल कुछ सामान्य ज़रूर हुआ है, लेकिन मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं. गंडक का स्वभाव जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ और घटने पर कटाव जैसी स्थिति उत्पन्न होती है.

अब देखना होगा कि मौसम का मिजाज किस कदर बदतला है और तराई क्षेत्र में अगर फ़िर भारी वर्षा होती है तो स्थिति और बिगड़ सकती है या सामान्य मौसम में गंडक का जलस्तर घटता है तो लोगों को राहत मिलेगी.

Input: Zeenews



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