नई दिल्ली. देश के कई राज्यों में बाढ़ एवं भारी बारिश को देखते हुए खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्रालय ने बड़ा ऐलान किया है. केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान (Ram Vilas Paswan) ने कहा है कि बाढ़ और बारिश (Due to flood and Rain) की वजह से उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात और असम सहित कई राज्यों में भयावह स्थिति उत्पन्न हो गई है. लोग गांव छोड़ कर के दूसरी जगह शरण ले रहे हैं. लोगों को राशन की दुकान (PDS) से अनाज लेना संभव नहीं हो रहा है. ऐसे में मैं राज्य सरकारों से आग्रह करता हूं कि जो बाढ़ पीड़ित राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (एनएफएसए) और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana -PMGKAY) के तहत राशन दुकान से राशन नहीं ले पा रहे हैं, उन लोगों के लिए राशन की डोर डिलीवरी (Doorstep Delivery) की व्यवस्था करें.
बाढ़ और बारिश से त्रस्त राज्यों में अनाज को डोर डिलीवरी हो
राम विलास पासवान ने कहा है कि बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकारों को गरीब लोगों तक आनाज पहुंचाने की भी जिम्मेदारी है. बाढ़ और बारिश की वजह से इन राज्यों के लोग राशन के दुकानों तक नहीं पहुंच रहे हैं. इससे उन लोगों को राशन नहीं मिल पा रहा है, जबकि भारत सरकार ने ऐसे लोगों के लिए मुफ्त में राशन देने की व्यवस्था की है. यह सुविधा नवंबर महीने तक दी जाएगी.
बता दें कि बीते शुक्रवार को भी पासवान ने पंजाब और पश्चिम बंगाल समेत 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फटकार लगाई थी. पासवान ने कहा था कि इन राज्यों ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (Pradhan Mantri Garib Kalyan Anna Yojana -PMGKAY) के तहत जुलाई में मुफ्त अनाज का वितरण नहीं किया. उन्होंने बताया कि पहले तीन महीनों में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने पीएमजीकेएवाई के तहत करीब 95 प्रतिशत लाभार्थियों को अनाज का वितरण किया. लेकिन जुलाई में वितरण 62 प्रतिशत पर आ गया.’

रेलवे की जमीन पर खाद्य मंत्रालय का भंडारण
पासवान के मुताबिक इसके परिणामस्वरूप राशन दुकानों के जरिए मुफ्त खाद्यान्न पिछले महीने 81 करोड़ लाभार्थियों में से केवल 62 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया. उन्होंने राज्यों से अनाज वितरण में तेजी लाने का आग्रह किया. बीते शुक्रवार को पासवान ने कहा ता कि जुलाई में कम अनाज वितरण का कारण यह भी है कि कुछ राज्य दो महीने, तीन महीने या छह महीने में एक बार में ही अनाज वितरण का कार्यक्रम चलाते रहे हैं.
बता दें कि मंगलवार को रामविलास पासवान रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर रेलवे और खाद्य मंत्रालय के बीच एक एमओयू को लेकर बात कर रहे थे. पासवान ने ट्वीट कर कहा है, आज केन्द्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल और खाद्य मंत्रालय के साथ रेल मंत्रालय के भी कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विडियो कांफ्रेंसिंग के द्वारा बैठक की. इसमें रेलवे की जमीन पर खाद्य मंत्रालय के भंडारण संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से भंडारण गृह बनाने की योजना पर चर्चा हुई. इस योजना के पूरा हो जाने से हमारी भंडारण क्षमता में काफी बढ़ोतरी होगी और अनाज का एक दाना भी बर्बाद नहीं होगा. जो प्रधानमंत्री मोदी की सोच है. रेल मंत्री पीयूष गोयल को उनके सकारात्मक सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं.’




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