बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद उर्फ रावण ने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर बड़ा ऐलान किया है. चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए हमारी पार्टी सभी सीटों पर मज़बूत तैयारी कर रही है.
उन्होंने कहा कि इस साल के अंत में होनेवाले बिहार विधानसभा चुनाव में हमारी भूमिका अहम होनेवाली है. वहीं, आजाद ने बिहार टीम की घोषणा करते हुए बताया कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जौहर आज़ाद, प्रदेश प्रभारी रूप में सैयद मसीह उद्दीन, मनोज कुमार भारती, अमर ज्योति जी का निर्वाचन किया गया है.
इस मौक़े पर नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष जौहर आज़ाद ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति अपने आभार जताते हुए कहा कि जल्द ही पूरे बिहार में दौरा कर ज़िला एवं प्रखंड स्तर की समिति बनाई जाएगी.
भीम आर्मी बिहार में आजाद समाज पार्टी के बैनर तले चुनाव ल’ड़ेगी. इस मौक़े पर आज़ाद ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में भीम आर्मी के समर्थन से सांप्रदायिक शक्तियों को ज़ब’रदस्त शि’कस्त देने की तैयारी में है.
उन्होंने कहा कि हमारा विशेष फोकस युवाओं पर रहेगा, क्योंकि कोरोना, बेरोज़गारी, ख़राब शिक्षा व्यवस्था और महंगाई की मार सबसे ज़्यादा यही झेल रहे हैं.
तय समय पर होगा चुनाव
बिहार में कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों के बीच बार-बार विपक्ष द्वारा इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को टालने की बात कही जा रही थी, लेकिन अब इस पर विराम लग गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने सभी आशंकाओं पर विराम लगा दिया है.

सुनील अरोड़ा ने सोमवार को दोहराया कि बिहार में चुनाव तय समय पर होंगे, पोलिंग पैनल कोविड -19 की स्थिति को ध्यान में रखते हुए तैयारियां कर रहा है. अरोड़ा ने कहा कि कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए कई दिशानिर्देश जारी किए गए हैं, और चुनाव प्रक्रिया के दौरान भी इन दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.
उन्होंने आगे कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव को तय वक़्त पर करवाने के लिए चुनाव आयोग, राज्य और जिला प्रशासन तैयारियां कर रहा है.
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सामाजिक दूरी का ख़याल रखा जाए इसके लिए एक बूथ पर मतदाताओं की अधिकतम संख्या एक हज़ार तय कर दी गई हैं, जबकि अभी ये आंकड़ा 1500 है. बिहार के मुख्य चुनाव आयुक्त ने राज्य के लिए 33,797 अतिरिक्त पोलिंग बूथ बनाने का फैसला किया है.
इसकी वजह से बिहार में एक बूथ पर औसत वोटरों की संख्या 985 से घटकर 678 हो जाएगी. इसके अलावा बिहार को अलग से ईवीएम और वीवीपैट मुहैया कराए गए हैं. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) सहित बिहार के अन्य राजनीतिक दलों ने राज्य में चुनाव को स्थगित करने के लिए मतदान पैनल से आग्रह किया था.

चुनाव आयोग ने राज्य में विधानसभा चुनाव कराने पर राजनीतिक दलों से सुझाव मांगे थे. जिसके लिए आयोग द्वारा पहले 31 जुलाई की समय सीमा तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 11 अगस्त कर दी गई थी. बिहार में वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को समाप्त हो जाएगा. राज्य में 28 नवंबर तक चुनाव प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर राष्ट्रपति शासन लग जाएगा.



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