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ग्रामीण इलाकों के लिए सरकार का मेगा प्लान तैयार, बनेंगी डेढ़ लाख किलोमीटर की नई सड़कें

किलोमीटर नई सड़कें बनाने का मेगा प्लान तैयार कर लिया है। इसके लिए 1.30 लाख करोड़ की भारी भरकम राशि खर्च करने की योजना है। दरअसल, सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के चौथे चरण (पीएमजीएसवाई-4) को लांच करने का रोडपैम बनाया है। फेज-4 में सरकार अगले सात साल (2027-28) में मैदानी व पहाड़ी राज्यों की ऐसी छोटी बस्तियों व गांवों में ऑल वेदर रोड कनेक्टिविटी मुहैया कराएगी, जहां अभी तक पक्की सड़कें नहीं बनी हैं। इसमें पूर्वोत्तर राज्यों सहित जम्मू-कश्मीर व लेह-लद्दाख भी शामिल है। इनकी संख्या 50 हजार से अधिक है।

‘हिन्दुस्तान’ के पास मौजूद दस्तावेजों के अनुसार, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 30 जुलाई को पीएमजीएसवाई-4  प्रस्ताव को नीति आयोग सहित अन्य संबंधित मंत्रालयों के पास भेज दिया है। इसमें उल्लेख है कि पीएमजीएसवाई-3 के तहत 500 से अधिक आबादी के गांवों को रोड कनेक्टिविटी से जोड़ने का 98.5 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसलिए अब 250 अथवा इससे कम आबादी वाले छोटे गांवों व बस्तियों को ऑल वेदर रोड से कनेक्टिविटी मुहैया कराने के लिए सरकार ने फेज-4 को लागू करने की योजना बनाई है

दस्तावेजों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 में पीएमजीएसवाई-4 की मंजूरी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी, जिससे आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 में फेज-4 को लांच किया जा सकेगा। इसके साथ ही डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट व सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। फेज-4 योजना को 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फेज-4 में 48,130 बस्तियों व गांवों को ऑल वेदर रोड से जोड़ा जाएगा, जहां अभी तक पक्की सड़कें नहीं बनी हैं। इसके अलावा फेज-3 में भूमि अथवा पर्यावरण मंजूरी के अभाव में छूट गईं 2158 बस्तियों को फेज-4 में शामिल किया जाएगा। इस प्रकार 50 हजार बस्तियों को ऑल वेदर रोड से जोड़ने के लिए 1 लाख 50 हजार किलोमीटर नई सड़कें बनाई जाएंगी।

30 हजार किलोमीटर सड़कों के पुनरुद्धार की योजना
फेज-4 में वर्ष 2000 में पीएमजीएसवाई के तहत बनी 30 हजार किलोमीटर सड़कें व पुलों के जीर्णोद्धार करने की योजना है। दस साल में उक्त सड़कें व पुल जर्जर हो चुके हैं। बस्तियों-गांवों तक विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में रोड कनेक्टिविटी बनाए रखने के लिए मरम्मत कार्य जरूरी है। इस प्रकार फेज-4 में 1.80 लाख किलोमीटर सड़कें बनेंगी। मैदानी राज्यों में केंद्र सरकार 60 फीसदी व राज्य सरकार को 40 फीसदी धन खर्च करना होगा। पूर्वोत्तर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में केंद्र 90 फीसदी व 10 फीसदी राज्य खर्च करेंगे। जम्मू-कश्मीर व लेह लद्दाख में केंद्र 100 फीसदी पैसा खर्च करेगा।

यूपी में 3136 किलोमीटर नई सड़कें बनेंगी
फेज-4 के तहत यूपी में 3136 किलोमीटर नई सड़कें बनेंगी। उत्तराखंड में 67 किलोमीटर, बिहार में 16032 किलोमीटर, झारखंड में 1916 किलोमीटर, अरुणाचल में 32 किलोमीटर, अमस में 11,576 किलोमीटर, जम्मू-कश्मीर में 185 किलोमीटर सड़कें बनेंगी।

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