एसकेएमसीएच में एईएस के इलाज के लिए बने नवनिर्मित पीकू वार्ड को कोरोना वार्ड में तब्दील किया जाएगा। वर्तमान कोरोना वार्ड को पीकू भवन में शिफ्ट करने का निर्देश दिया गया है। एसकेएमसीएच में कोरोना के इलाज की व्यवस्था का निरीक्षण करने बुधवार की रात स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत एसकेएमसीएच पहुंचे। उन्होंने कोरोना के मरीज व उनके इलाज की जानकारी डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह व एसकेएमसीएच प्रबंधन से ली।
प्रधान सचिव ने पीकू वार्ड का अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एसकेएमसीएच प्रबंधन को निर्देश दिया कि कोरोना वार्ड को पीकू वार्ड में शिफ्ट करें। इसमें ऑक्सीजन व वेंटिलेटर समेत इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने से अधिकारियों से कहा कि अब एईएस के केस अब कम आ रहे हैं। साथ ही इसका सीजन अब खत्म हो रहा है, लेकिन कोरोना महामारी खत्म होने के आसार अभी नहीं हैं। इसलिए कोरोना इलाज के लिए अलग भवन होना अनिवार्य है।
इसपर डीएम ने उन्हें जानकारी दी कि वर्तमान पीकू वार्ड में 100 बेड हैं। यदि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बेड बढ़ाने की जरूरत पड़ती है तो पीकू वार्ड के अतिथिशाला परिसर में 50 बेड बढ़ाए जा सकते हैं। प्रधान सचिव के एसकेएमसीएच निरीक्षण के दौरान डीएम के अलावा सिविल सर्जन डॉ. एसपी सिंह, एसकेएमसीएच के अधीक्षक एसके शाही व प्राचार्य डॉ. विकास कुमार उपस्थित थे।

वर्तमान कोरोना वार्ड को किया जाएगा सैनेटाइज
वर्तमान कोरोना वार्ड को शिफ्ट करने के बाद करने के बाद उसे सैनेटाइज करने का निर्देश प्रधान सचिव ने दिया है। इसके बाद इस वार्ड को सामान्य बीमारियों के मरीज के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।



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