उत्तर बिहार में बागमती के थोड़ा नरम पड़ते गंडक और बूढ़ी गंडक विकराल हो गई है। बूढ़ी गंडक के लाल निशान से ऊपर जाने पर मंगलवार शाम से मुजफ्फरपुर शहर पर खत’रा और बढ़ा गया है।
अहियापुर के निकट विजय छपरा में बूढ़ी गंडक का पानी शाम में रिंग बांध के ऊपर से जहां बह रहा था वहां देर रात बांध करीब तीन फीट में क’ट गया। इस कारण रिंग व मेन बांध के बीच बसे सौ परिवार वहां से निकलने को बाध्य हो गए। इस बीच कई थोक कारोबारियों के गोदाम में अचानक पानी घुस गया जिससे लाखों की क्षति हुई है। देर रात तक यहाँ मुख्य बांध से करीब सात फ़ीट पानी सट गया जिससे मुख्य बांध टू’टने और एसकेएमसीएच व बोचहां की तरफ पानी फैलने का ख’तरा पैदा हो गया है।
इधर, रजवाड़ा में बांध काटने के षडयंत्र की शिकायत के बाद वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई है। लोग रतजगा करते हुए ऊंचे स्थलों पर अपना सामान पहुंचाने में जुटे हैं। मुखिया लाल बाबू साह ने बताया कि शाम चार बजे के बाद रिंग बांध के ऊपर से पानी बहने लगा। देर रात बांध टूटने लगा। नदी में उफान से विजय छपरा व सिकंदरपुर से लेकर मुशहरी के रजवाड़ा तक लोग भयाक्रांत हैं। बांध काटने के प्रयास की शिकायत के बाद डीएम के निर्देश पर बांध पर जेनरेटर से रोशनी की व्यवस्था के साथ सुरक्षा के लिए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।

डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि विजय छपरा में पानी बांध पर ओवरफ्लो कर गया है। उस पर प्रशासन की नजर है। मुशहरी में बांध पर गश्त बढ़ाते हुए आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी गई है। वहीं साहेबगंज में गंडक पर बना सुरक्षा बांध तीन जगहों पर टू’ट गया। इससे नौ गांवों में एक हजार से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। हजारों एकड़ में लगी फसल भी डूब गई है। मोतीपुर से लेकर मुरौल तक के इलाके में कई जगह क’टाव व रिसाव से तटबंध से सटे गांवों में हड़कंप है। दूसरी तरफ कटरा, औराई, गायघाट, बंदरा में बागमती से बढ़ी मुश्किलें अभी कम नहीं हुई है।
जिले में 188 पंचायत बाढ़ प्रभावित :
आपदा विभाग ने जिले की कुल 188 पंचायतों को बाढ़ प्रभावित चिह्नित किया हैं। इसमें 112 पंचायत आंशिक रूप से जबकि 76 पंचायत पूर्ण रूप से प्रभावित हैं। बाढ़ पीड़ितों के लिए कुल 140 सामुदायिक किचन संचालित किये गये हैं। अब तक कुल 23209 पॉलीथिन शीट का वितरण किया गया है, जबकि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में 190 नाव चलाए जा रहे हैं



Leave a Reply