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पूरे उत्तर बिहार में बाढ़ से मचा हा’हाकार, 10.61 लाख लोग प्र’भावित, ट्रेन के बाद अब बसों का परिचालन भी बंद

बिहार के 10 जिलों के 77 प्रखंडों की 577 पंचायतों में दस लाख 61 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभा’वित हो गए हैं। वहीं अब-तक आठ लोगों की बाढ़ से मौ’त भी हो चुकी है। राज्य सरकार की ओर से प्रभा’वितों के लिए राहत और बचाव कार्य निरंतर चलाए जा रहे हैं। शनिवार से हेलीकॉप्टर के माध्यम से भी बाढ़ पी’ड़ितों को फूड पै’केट्स पहुंचाए गए। दरभंगा और मोतिहारी जिले के कई गांवों में जहां पर आवागमन में दि’क्कत हो रहा है, वहां पर हेलीकॉप्टर से की मदद से फैड पैक्टस दिए गए।

आप’दा प्रबंधन विभाग के अपर सचिव रामचंद्रुडु ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम सभी प्रभावित इलाकों में तै’नात है और लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचा रही है। राज्य के विभिन्न जिलों में 422 सामुदायिक किचेन चलाए जा रहे हैं, जहां पर एक लाख 15 हजार बाढ़ पी’ड़ित प्रतिदिन भोजन कर रहे हैं।
विभाग से मिली जानाकारी के अनुसार दरभंगा में 271, पूर्वी चंपारण में 29, पश्चिम चंपारण में सात, मुजफ्फरपुर में 40, गोपालगंज में 46, सीतामढ़ी में 19, शिवहर में चार, सुपौल में तीन और खगड़िया में तीन सामुदायिक किचेन चलाया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न जिलों में 28 राहत शिविर भी लगाए गए हैं, जिनमें 16 हजार बाढ़ पी’ड़ितों को रखा जा रहा है।

बस के बाद ट्रेनें बंद होने से उत्तर बिहार में आवागमन ठप

वहीं लॉकडाउन और बाढ़ से उत्तर बिहार के कई जिलों में आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है। लोग चाहकर भी एक से दूसरे जिले नहीं जा पा रहे हैं। लॉकडाउन के कारण बसों का परिचालन 16 जुलाई से ही ठप है। अब बाढ़ की तबाही के कारण उत्तर बिहार में चल रही आधा दर्जन विशेष ट्रेनों का परिचालन भी बा’धित हो गया है। इससे उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों के लोगों का आवागमन ठप हो गया है। अब निजी वाहन ही लोगों का सहारा है।

वहीं, निजी वाहन भी लॉकडाउन में नहीं के बराबर चल रहे हैं। दो रेल लाइन जयनगर से समस्तीपुर और समस्तीपुर से वाया मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज रूट पर ट्रेनों का परिचालन ठप है। इसी दो लाइनों पर उत्तर बिहार के अधिकांश जिले हैं। बाढ़ का पानी खतरे के निशान को पार कर दरभंगा व सुगौली में रेलवे ब्रिज के गार्डर तक पानी पहुंच गया है। यात्री की सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे ने इन दोनों लाइन पर चलने वाली ट्रेनों का परिचालन रूट बदल दिया है।

आठ लाख बाढ़ पी’ड़ितों को मदद की दरकार

उत्तर बिहार में करीब आठ लाख लोग बाढ़ प्रभावित बताये जा रहे हैं। मुजफ्फरपुर में करीब डेढ़ लाख, पूर्वी चंपारण में दो लाख, दरभंगा में डेढ़ लाख, पश्चिम चंपारण व समस्तीपुर में करीब डेढ़ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। सहायता के नाम पर मुजफ्फरपुर में करीब छह, पूर्वी चंपारण में एक दर्जन, दरभंगा में भी आधा दर्जन सामुदायिक किचन चालू करने का दावा किया गया है। हालांकि जमीन पर अभी सामुदायिक किचन काम करता दिख नहीं रहा है।

पश्चिम चंपारण के चनपटिया में शनिवार को सिकरहना के पानी से उत्तरी घोघा पंचायत जाने वाली सड़क न सिर्फ 50 फीट में टूटी बल्कि इस पर बना पुल भी बह गया।

दरभंगा के केवटी में शनिवार को दरभंगा-जयनगर एनएच 527-बी पर चढ़ा बाढ़ का पानी। वाहन चालक खतरों के बीच किसी तरह अभी अपनी गाड़ियां दौड़ा रहे हैं।

वायुसेना के हेलीकॉप्टर से शनिवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सूखा राशन के पैकेट आसमां से गिराये गये। जिले के कुशेश्वरस्थान पूर्वी एवं केवटी प्रखंड में 1050 पैकेट ड्रॉप किये गये। डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम की निगरानी में यह राहत कार्य चलाया गया।

बाढ़ के कारण मुजफ्फरपुर से दरभंगा व चंपारण रूट पर अभी ट्रेनों का परिचालन बंद हो गया है। शनिवार को मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी के रेलमार्ग में एक पुल पर कॉसन लेकर आगे बढ़ती ट्रेन। 

मुजफ्फरपुर के निचले इलाके में बूढ़ी गंडक का पानी त’बाही मचा रहा है। शेखपुर ढ़ाब से नाव के सहारे बाहर निकलते इलाके के लोग।

मुजफ्फरपुर के निचले इलाके में बूढ़ी गंडक का पानी त’बाही मचा रहा है। बाढ़ पी’ड़ित एनएच पर शरण लिये हुए हैं। मिठनसराय में एनएच पर बने एक तंबू में पढ़ाई करते बा’ढ़ पी’ड़ित परिवार के बच्चे।

जिन्हें नाव नहीं मयस्सर हुआ वे पानी पार करते हुए अपने माल-मवेशी को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर चल दिये।

मुजफ्फरपुर के निचले इलाके में बूढ़ी गंडक का पानी तबा’ही मचा रहा है। बहुतेरे परिवारों ने एनएच पर ही तंबू गांड़ दिया है।

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