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हाथों में सोनू सूद की तस्वीरें लहराते किर्गिस्तान से काशी पहुंचे 135 छात्रों ने कहा- थैंक्स सोनू सूद

किर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई करने गए लॉकडाउन में फंसे भारतीय छात्रों के लिए फिल्म अभिनेता सोनू सूद भगवान बन गए। सोनू सूद ने वहां फंसे छात्रों के लिए स्पाइसजेट के स्पेशल विमान बुक कर गुरुवार को रात 9.40 बजे बनारस भेजा। यह विमान किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में स्थित मनास इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 135 छात्रों को लेकर वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंचा। मौसम खराब होने के चलते बुधवार को विमान बनारस नहीं आ पाया था। बनारस पहुंचने पर छात्रों ने कहा, थैंक्स सोनू सूद भाई। यदि सोनू सूद ने मदद नहीं की होती तो शायद अभी हम वहीं फंसे रहते, न जाने कितने परेशानियों का सामना करना पड़ता। परिवार के लोग अलग से परेशान थे।

उत्तर प्रदेश, बिहार समेत भारत के कई राज्यों के छात्र मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए किर्गिस्तान  में स्थित एशियन मेडिकल इंस्टीट्यूट में जाते हैं। कोरोना संक्रमण में लॉकडाउन के चलते अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाएं बंद होने से  किर्गिस्तान  में मेडिकल छात्र फंसे हुए थे। वहां छात्रों को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था जिसको लेकर छात्रों ने ट्वीट करने के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर मदद की गुहार लगाई थी। स्पाइसजेट का स्पेशल विमान-9126 दिल्ली से 11.30 बजे उड़ान भरकर किर्गिस्तान के मनास एयरपोर्ट पर 3.30 बजे पहुंचना था। किर्गिस्तान से विमान-9127 बनकर शाम साढ़े चार बजे उड़ान भर कर रात 8.20 बजे बनारस पहुंचना था।

फिर वही विमान-9666 बनकर 9.20 बजे बनारस से उड़ान भरना था लेकिन विमान एक घंटा 20 मिनट विलंब से रात 9.40 बजे बनारस एयरपोर्ट पर पहुंचा। एयरपोर्ट पर सभी यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद बाहर निकलने की अनुमति दी गई। सभी छात्रों को होम क्वारंटाइन रहने के लिए बोला गया है। जौनपुर के रहने वाले शुभम का कहना है कि लॉकडाउन में फंसने के चलते वहां काफी परेशानी हो रही थी। सोनू सूद की मदद से हम सुरक्षित घर पहुंच सके। नारगोंडा के अरुण कुमार का कहना है कि वैश्विक महामारी में वहां कोई मदद करने को तैयार नहीं था। बनारस पहुंचने पर राहत महसूस कर रहा हूं। सिद्धार्थ नगर की भामिनी कहतीं है कि छात्रों की मदद हर कोई नहीं करता है। थैंक्स सोनू सूद भाई जी। गाजियाबाद की विजय लक्ष्मी कहतीं हैं कि लॉकडाउन में दूसरे देश में रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। गोरखपुर के रमेश गुप्ता का कहना है कि देश लौटने के साथ राहत महसूस हो रहा है।

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