बिहार में कोरोना की चपेट में पुलिसकर्मी भी तेजी से आ रहे हैं। सैकड़ों पुलिसकर्मी अबतक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। शायद ही कोई जिला हैं जहां पुलिसकर्मी कोरोना पॉजिटिव नहीं पाए गए हैं। अबतक राज्य में 712 पुलिसकर्मी कोरोना की चपेट में आ चुके हैं। सबसे अधिक मामले बिहार सैन्य पुलिस (बीएमपी) में पाए गए हैं। संक्रमित पुलिसकर्मियों में दो की मौ’त हुई है जबकि 200 से ज्यादा कोरोना को हराकर सामान्य जीवन जी रहे हैं।
कैमूर में सबसे पहले आया था मामला
पुलिस में कोरोना का पहला मामला अप्रैल के आखिर में कैमूर जिला बल में सामने आया था। वहां के तीन पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके बाद धीरे-धीरे यह दूसरे जिलों में भी पहुंच गया। बीएमपी-14 में यह महामा’री काफी तेजी से फैला पर अब पूरी तरह नियंत्रण में है। अभी बीमएपी-1 इसकी चपेट में है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक 20 जुलाई तक बिहार में 712 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इनमें 202 ठीक हो गए हैं। एक सब-इंस्पेक्टर और एक हवलदार की मृ’त्यु हो चुकी है।
बीएमपी-1 में सर्वाधिक मामले
बीएमपी-14 में कोरोना तेजी से फैला था। वहां के 46 जवान संक्रमित पाए गए थे। पर सभी के सभी जवान ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में सबसे ज्यादा संक्रमित जवानों की संख्या बीएमपी-1 में है। वहां अबतक 102 जवान कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं पटना में 67, गया में 23, औरंगाबाद में 25, सहरसा में 36, मुजफ्फरपुर में 45 और भागलपुर में तैनात 5 जवान कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। इनमें 66 ने कोरोना को मा’त दे दी है।

संक्रमण रोकने के लिए उठाए जा रहे कदम
पुलिसकर्मियों को कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। एडीजी मुख्यालय जितेन्द्र कुमार ने बताया कि फील्ड में तैनात अधिकारियों और जवानों को मास्क, ग्लव्स और सेनेटाइजर उपलब्ध कराया जा रहा है। थानों में आम लोगों को दिक्कत न हो और पुलिसकर्मी भी सुरक्षित रहें इसके लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। रुटीन काम के दौरान पुलिसकर्मियों को कुछ सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्लाज्मा बैंक बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोरोना से पुलिसकर्मियों के बचाव के लिए जल्द ही मानक संचालन प्रक्रिया भी जारी की जाएगी।



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