मुजफ्फरपुर: एसकेएमसीएच स्थित कोरोना आइसीयू वार्ड का कोई पुरसाहाल नहीं है। वार्ड में पानी, शौचालय की व्यवस्था ठीक नहीं है। समय पर जांच नहीं हो रही और न रिपोर्ट ही मिल रही। एसकेएमसीएच में ही पदस्थापित एक वरीय चिकित्सक जब इलाज के लिए शनिवार को वार्ड में भर्ती हुए तो व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई। सारे लोग अपने थे। लेकिन, कोरोना के नाम पर अछूत मानकर छोड़ दिया।
रेफर होकर भागना ही उचित लगा
जान बचाने के लिए चिकित्सक ने आरजू-मिन्नत कर बुधवार को खुद को एम्स रेफर करा लिया। मोबाइल पर बातचीत में उन्होंने कहा कि कोई देखने वाला नहीं है। निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं हो रहा है। बाथरूम में पानी नहीं रहता है। बाहर से पानी मंगाकर कब तक शौचालय या स्नान किया जा सकता। बिना बिजली के दो रातें कटी। कोरोना आइसीयू वार्ड में मॉनीटर है लेकिन, उसको सही बिजली नहीं मिलेगी तो वह कैसे काम करेगा। आइएमए अध्यक्ष डॉ.संजय कुमार ने जब विरोध किया तो कुछ सुविधा मिली। लेकिन, जान बचाने के लिए रेफर होकर भागना ही उचित लगा। अगर, यहीं हालत रही तो वहां से कोई स्वस्थ होकर नहीं जा सकता है। मालूम हो कि सरकार की पहल पर एक सप्ताह पहले एसकेएमसीएच में इलाज की व्यवस्था शुरू हुई। लेकिन, हालत काफी खराब है। मंगलवार को यहां एक मरीज ने दम तोड़ दिया था। इस तरह के आरोपों के बाद एसकेएमसीएच प्रशासन बचाव की मुद्रा में है। कहीं से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आ रही।

स’मस्या को अधीक्षक व प्रबंधक के साथ बैठकर दूर करेंगे
एसकेएमसीएच के प्राचार्य डॉ.विकास कुमार ने कहा कि लगातार बारिश के कारण कोराना के आइसीयू वार्ड में बिजली की समस्या हुई थी। वह दूर हो गई है। पानी, शौचालय की व्यवस्था के साथ, जांच एवं अन्य प्रोटोकॉल का पालन हर हाल में होना चाहिए। इस समस्या को अधीक्षक व प्रबंधक के साथ बैठकर दूर करेंगे। जिसकी लापरवाही होगी उसके खिलाफ सरकार को लिखा जाएगा।



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