नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र समेत जिले में लगातार जारी बारिश के चलते उत्तर बिहार की नदियों के जलस्तर में वृद्धि लगातार जारी है। बुधवार को भी बागमती, गंडक और बूढ़ी गंडक समेत अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी रही। इसके चलते औराई, कटरा, साहेबगंज के इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। पारू के दो सौ घरों में घुसा नारायणी गंडक नदी का पानी। वहीं, साहेबगंज में बाढ़ के पानी में बहकर चार हिरण आ गए।
पारू के दो सौ घरों में घुसा पानी
नारायणी गंडक का जलस्तर बढऩे के साथ ही सोहांसी गांव का नयका टोला जलमग्न हो गया है। चारों तरफ चार फीट पानी से घिरे टोले के सभी 55 घरों में पानी घुस चुका है जिससे उनके समक्ष भोजन और शौचालय की समस्या उत्पन्न हो गर्ई है। करीब तीन सौ एकड़ में लगी धान की फसल बर्बाद होने से किसानों में मायूसी छा गर्ई है। पीडि़त शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि दो दिनों से परिवार के लोग भूखे हैं, लेकिन कोई अधिकारी सुध लेने नहीं आए। तीन एकड़ में सब्जी की खेती की थी जो बर्बाद हो गई। नयका टोला की तीन सौ आबादी के लिए बनी सड़क बाढ़ की तेज धारा में समा गई।

अब एक किमी तक पानी से होकर बांध तक जाना पड़ रहा है। उमेश सिंह का फूस का घर दो फीट पानी भरे होने से ध्वस्त होने की स्थिति में है। बबन सिंह ने बताया कि चारों तरफ पानी होने के कारण विषैले सर्पों का आतंक बढ़ रहा है। मुखिया गुडिय़ा कुमारी ने बताया कि चार दिनों से डीएम से लेकर सीओ तक को फोन कर जानकारी दी जा रही है, लेकिन कोई अधिकारी कुछ सुनने को तैयार नहीं। इधर, प्रखंड के चकी सोहागपुर गांव के बासुदेव राम की भैंस की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हो गई। पूर्व मुखिया शिवकुमारी देवी और चंदन सहनी ने डीएम से मुआवजे की मांग की है।
साहेबगंज में बाढ़ के पानी में बहकर आए चार हिरण
साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र की बंगरा निजामत पंचायत स्थित गंडक नदी में आई बाढ़ के पानी में बहकर आए चार हिरणों को ग्रामीणों ने जाल एवं रस्सी के सहारे पकड़ लिया। इसमें एक की मौत हो गई। हिरण पकड़े जाने की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को दी। फॉरेस्टर राजेश्वर प्रसाद यादव के आदेश पर वनकर्मी नवल किशोर सिंह, जितेंद्र कुंवर, दुर्गेश कुमार गांव में पहुंचे जहां जीवित तीन हिरण सहित एक मृत हिरण के शव को कब्जे में ले लिया तथा कड़ी सुरक्षा के बीच सभी हिरण को रामचंद्रपुर स्थित वन विभाग के नर्सरी में लाया गया। वहां पोस्टमार्टम के बाद मृत हिरण को दफना दिया गया जबकि जीवित हिरणों को वाल्मीकिनगर पहुंचाने की बात बताई गई।
नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा
बुधवार को भी बागमती, गंडक और बूढ़ी गंडक समेत अन्य नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी रही। इसके चलते औराई, कटरा, साहेबगंज के इलाकों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। जल संसाधन विभाग व आपदा प्रबंधन विभाग की टीम प्रभावित इलाकों में कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता शांति रंजन शर्मा ने बताया कि सभी तटबंध सुरक्षित है। अभियंताओं की टीम तटबंधों पर नजर रख रही है।
उधर, औराई के कटौझा में बागमती नदी खतरे के निशान से 2.82 मीटर उपर बह रही है। यहां जलस्तर 56.55 मीटर दर्ज किया गया। जबकि बेनीबाद में बागमती नदी का जलस्तर 49.47 मीटर दर्ज किया गया हैं। मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर 0.58 सेमी वृद्धि के साथ 51.32 मीटर व रेवाघाट में गंडक नदी का जलस्तर 0.30 सेमी वृद्धि के साथ 54.27 मीटर दर्ज किया गया। उधर, सीतामढ़ी जिले के ढेंग में बागमती नदी का जलस्तर 70.19 मीटर, सोनाखान में 68.54 मीटर, डुब्बाघाट में 61.41 मीटर, चंदौली में 58.86 मीटर दर्ज किया गया। जबकि, हायाघाट में बागमती नदी का जलस्तर 45.16 मीटर दर्ज किया गया।



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