PATNA : बिहार के राजनीतिक गलियारे से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाने की जरूरत बताई है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार में कोरोना के कारण हालात बहुत ज्यादा खराब है और ऐसे में विधानसभा चुनाव कराया जाना असंभव है. तेजस्वी ने कहा है कि मौजूदा हालात चुनाव टालने के अलावा और कोई संकेत नहीं दे रहे हैं.
एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार में जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए लेकिन यहां चुनाव के लिए बिल्कुल भी हालात अनुकूल नहीं है. तेजस्वी यादव ने कहा है कि बिहार में कोरोना बीमारी तेजी से फैल रही है मेरा मानना है कि चुनाव कराने का यह उपयुक्त समय नहीं है अगर लाशों पर चलकर चुनाव कराने की बात आती है तो मैं ऐसा करने वाला अंतिम व्यक्ति होगा तेजस्वी यादव ने चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर एक बार फिर निशाना साधा है. नेता प्रतिपक्ष ने कहा है कि नीतीश कुमार को अगर लगता है कि कोरोना वाकई बड़ा संकट है तो हालात में सुधार होने तक के चुनाव को टाला जा सकता है. तेजस्वी ने साथ ही साथ यह भी कहा है कि अगर नीतीश कुमार को यह लगता है कि कोरोना कोई समस्या नहीं है तो चुनाव पारंपरिक तरीके से ही होना चाहिए.

तेजस्वी यादव ने कहा है कि चुनाव का परंपरागत तरीका सबसे विश्वसनीय है. राजनीतिक दलों को डोर टू डोर कैंपेन और रैली करने की अनुमति दी जाये. तभी चुनाव संभव है. उन्होंने कहा है कि बीजेपी और जेडीयू पूजी पतियों की पार्टी है और इनके पास भरपूर संसाधन है. ऐसे में अपने प्रचार माध्यम को सशक्त तरीके से चला सकते हैं लेकिन आरजेडी के साथ-साथ अन्य जमीनी स्तर के राजनीतिक दलों के लिए रैली और परंपरागत चुनाव प्रचार की मुख्य जरिया है.
बिहार में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने को लेकर तेजस्वी यादव ने पहली बार बयान दिया है. अब तक तेजस्वी चुनाव टालने की बात कहते रहे हैं लेकिन उन्होंने राष्ट्रपति शासन को लेकर कोई बयान नहीं दिया था. ऐसे में तेजस्वी के इस नए स्टैंड के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि वह हर हाल में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कुर्सी जाते देखना चाहते हैं.



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