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पैसों की कमी के कारण कोरोना संकट में BMW बेचने को मजबूर हुई एथलीट दुती चंद

कोरोना वायरस महामा’री के चलते पूरा खेल जगत भारी वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। यही वजह है कि कई खेल बोर्ड और संस्थाएं अपने स्टॉफ और खिलाड़ियों के वेतन में भारी कटौती करने को मजबूर हैं। इस संकट के समय में वो खिलाड़ी सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना कर रहे हैं जिनकी तैयारियों का पूरा खर्च स्पांसर कंपनिया उठाती हैं।

ऐसी ही एक खिलाड़ी हैं भारती की फर्राटा धावक दुती चंद जो कोरोना संकट के चलते अपने ट्रेनिंग खर्चे को पूरा करने के लिए अपनी BMW कार बेचने को मजबूर हैं। दुती ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अपनी BMW गाड़ी बेचने की पोस्ट शेयर की।

दुती ने अपने फेसबुक पेज पर अपनी कार की फोटोज पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं अपनी बीएमडब्ल्यू कार बेचना चाहता हूं। अगर कोई खरीदना चाहता है, तो मुझे मैसेंजर में संपर्क करें।”

दुती चंद ने सोशल मीडिया पर अपनी लग्जरी गाड़ी BMW की फोटोज पोस्ट की ताकि उन्हें कोई खरीददार मिल सके। हालांकि बाद में उन्होंने इस पोस्ट को सोशल मीडिया से हटा दिया। साल 2015 में दुती ने BMW-3 सीरीज मॉडल की कार 30 लाख रुपये में खरीदी थी। हालांकि, अब वह ट्रेनिंग खर्चों को पूरा करने के लिए अपनी इस गाड़ी को बेचने के लिए मजबूर हैं।

दुती चंद ने इंडिया टुडे से बातचीत में कहा, “कोई भी स्पांसर (प्रायोजक) इम महामारी के कारण मुझ पर खर्च करने के लिए तैयार नहीं है। मुझे पैसे की जरूरत है और इसलिए मैंने अपनी ट्रेनिंग और डाइट के खर्चों को पूरा करने के लिए कार बेचने का फैसला किया है क्योंकि मैं ओलंपित की तैयारी कर रही हूं।”

सोशल मीडिया पर दुती चंद की पोस्ट के बाद सरकार ने उन्हें मदद का आश्वासवृन दिया है जिसके बाद धावक ने पोस्ट को हटा दिया। दुती ने कहा, “चूंकि मेरे पास दो अन्य कारें हैं, इसलिए मेरे घर में 3 कारों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है, इसलिए मैं एक को बेचना चाहती हूं।”

सरकार ने टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के लिए दुती को 50 लाख रुपये भी दिए थे। इस पर उन्होंने कहा, ” मेरी ट्रेनिंग पर हर महीने लगभग 5 लाख रुपये खर्च होते हैं जिसमें कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, डायटिशियन का वेतन शामिल है।

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