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बिहार की बेटी हैं सरिता गिरि, नेपाल की संसद में भारत की आवाज को किया था बुलंद, मायके के लोगों में भारी नाराजगी

नेपाल की के पी ओली सरकार जब अपने संसद में भारत विरोधी प्रस्ताव पेश कर रही थी तो सांसद सरिता गिरि ने उसका पुरजोर विरोध किया था. नेपाल के संसद में भारत की आवाज बुलंद करने वाली सरिता गिरि बिहार की बेटी है. नेपाल संसद से उनकी सदस्यता रद्द होने के बाद सरिता गिरि के मायके में खासी नाराजगी है. लोग भारत सरकार से नेपाल को सबक सिखाने की मांग कर रहे हैं.

प्रसिद्ध वकील यदुवंश गिरि की भतीजी हैं सरिता गिरि
नेपाली सांसद सरिता गिरि बिहार के गोपालगंज की बेटी हैं. उनके ही चाचा बिहार के मशहुर वकील यदुवंश गिरि हैं. नेपाली संसद में भारत की आवाज उठाने के बाद उनकी सदस्यता रद्द किये जाने के बाद उनके मायके गोपालगंज जिले के लोगों में भारी आक्रोश है. गोपलगंज के लोगों ने भारत सरकार से लोग नेपाल का हुक्का-पानी बंद करने की मांग की है.

सरिता गिरि के मायके वालों को बेटी पर फक्र
नेपाली संसद में भारते के पक्ष में बोलने के आरोप में सरिता गिरि की संसद सदस्यता रद्द किये जाने की खबर जब उनके के मायके यानि गोपालगंज जिले के सदर प्रखंड के मानिकपुर पहुंची तो मायूसी छा गयी. लेकिन लोगों को अपनी बेटी पर फक्र भी बहुत है.  लेकिन फक्र भी कम नहीं है. मानिकपुर के लोगों ने कहा कि सविता गिरि ने भारत की खातिर नेपाली संसद में केपी ओली को ललकार कर मायके का नाम रोशन कर दिया.

बीमार पिता ने कहा-बेटी ने कर्ज उतार दिया
सरिता गिरि के पिता विजय बहादुर गिरि बिहार सरकार में श्रम विभाग के डिप्टी कमिश्नर पद से रिटायर हुए हैं. फिलहाल वे बीमार है.लेकिन जब उनको अपनी बेटी के हौंसले की खबर मिली तो चेहरा चमक उठा. विजय बहादुर गिरि ने कहा कि उनको अपने बेटी पर गर्व है. नेपाल की सदन में उसने अपनी जन्मभूमि के कर्ज को चुकाने का काम किया. सरिता गिरि के पिता ने कहा कि गैर कानूनी तरीके से उनकी संसद सदस्यता खत्म किया गया है.

उधर सरिता गिरि के परिवार और गांव के लोग मांग कर रहे हैं कि भारत सरकार नेपाल के खिलाफ कड़े कदम उठाये. ग्रामीणों ने कहा कि अगर नेपाल भारत से सभी संबंधों को तोड़ना चाहता है तो भारत को भी अब उसका हुक्का-पानी बंद कर देना चाहिए.




गौरतलब है कि भारत-नेपाल में सीमा विवाद के बाद नेपाल की केपी ओली सरकार ने 18 मई को नेपाली संसद में नये नक्शे का प्रस्ताव पेश किया. इसमें भारत के तीन हिस्सों लिपुलेख, लिम्पियाधुरा, कालापनी को नेपाल ने अपना क्षेत्र बताया है. संविधान संशोधन के प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेपाली सांसद सरिता गिरि ने इसका खुलेआम विरोध करते हुए प्रस्ताव को असंवैधानिक करार दिया, सरिता गिरि ने इसे खारिज करने की वकालत की थी.

जानिये कौन हैं सरिता गिरि
सरिता गिरि गोपालगंज जिले के सदर प्रखंड के मानिकपुर गांव के स्वतंत्रता सेनानी स्व जलेश्वर गिरि की पोती हैं. उनके पिता विजय बहादुर गिरि बिहार सरकार की नौकरी से रिटायर कर चुके हैं. सरिता के चाचा पटना हाइकोर्ट के वरीय अधिवक्ता यदुवंश गिरि हैं. गोपाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रवंश गिरि उर्फ टून्ना गिरि , लोक अभियोजक देववंश गिरि भी सरिता गिरि के चाचा हैं.

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