कमला नदी,भुतही बलान,सतलखा समेत अन्य नदियों के जलस्तर बढ़ रहे है।
जिले में कोसी नदी ने अपना फिर से विकराल रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जबकि नेपाल के पहाड़ी इलाके में लगातार तेज बारिश की वजह से कोसी नदी अपने उफान पर है। जिस से कोसी नदी से सटे बसने वाले इलाके में लोगों के बीच दहशत का माहौल व्याप्त है। इसके अलावे बॉर्डर से सटे प्रखंडों के भुतही बलान,सतलखा, कमला नदी समेत अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ता जा रहा है।
शुक्रवार देर रात तक कोसी नदी का बराज से डिस्चार्ज रात 10 बजे 2 लाख 71 हजार 370 क्यूसेक हो गया है। जलस्तर तेजी से बढ़ ही रहा है। बराज में वृद्धि दर्ज की जा रही है।
जयनगर में कमला नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होती रही। जयनगर में कमला नदी का जलस्तर वार्निंग लेबल को क्रॉस कर लिया। फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से कुछ नीचे है।
जल संसाधन विभाग के लोगों ने बताया कि सुबह तक ख़तरे के निशान को पार करने की संभावना है।
वहीं झंझारपुर में कमला नदी के जलस्तर में देर रात 10 बजे तक वृद्धि दर्ज की गई। नदी का बहाव खतरे के निशान से .175 सेंटीमीटर मीटर ऊपर था। 51.75 सेंटीमीटर पर जलस्तर है। जबकि खत’रे का निशान 50.00 मीटर पर लगाया गया है।

वही नेपाल के बराह क्षेत्र से शाम 7 बजे 2 लाख 36 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्य पास करने का संकेत दिया गया है वह भी बढ़ते क्रम में, जबकि कोशी नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर कोशी बराज के 56 गेट में से 37 गेट खोल दिए गए है।बढ़ते कोशी नदी के जलस्तर से कोशी इलाके में रहने वाले लोगों की नीद उड़ी हुई है जिसको लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारी कोशी तटबन्ध पर पूरी तरह से तैनात है।

संवाद सूत्र: रामशरणागत मिश्रजानीपुर से




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