व्हाइट हाउस (White house) के शीर्ष अधिकारी ने ऐलान करते हुए कहा कि अगर भारत और चीन (War between india and china) के बीच युद्ध होता है तो निश्चित तौर पर अमेरिकी सेना (America soldier) भारत का ही साथ देगी। एशिया (Asia) में चीन की दादागिरी को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) ने इस संदर्भ में ट्वीट कर कहा कि चीन की वजह से अमेरिका सहित पूरी दुनिया को भारी क्षति पहुंची है। व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारी चीफ ऑफ स्टॉफ मार्क मीडोज ने ‘फॉक्स न्यूज’ के एक सवाल के जवाब में कहा कि हम चीन या किसी भी शक्तिशाली को शक्ति की कमान नहीं सौंप सकते हैं। बता दें कि अमेरिकी नौसेना ने अपने सैनिकों को दक्षिण चीन सागर (South china sea) में अपनी उपस्थिति को बढ़ाने के लिए विमानवाहक पोत भी तैनात कर दिए हैं।
ट्रंप ने भी चीन को घेरा
इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट (tweet of trump) कर इस संदर्भ में कहा कि चीन के कारण अमेरिका सहित पूरे विश्व को भारी क्षति हुई है। कोरोना वायरस (Corona virus) के कहर के चलते पूरे देश की अर्थव्यवस्था को खासा नुकसान हुआ है। चीन ने कोरोना वायरस के कहर के बारे में जानकारी पूरे विश्व को शुरूआती दौर में नहीं दी और इसका प्रसार पूरे विश्व में होने दिया। जिससे अब पूरे देश की अर्थव्यवस्था की कमर टूट चुकी है।

साउथ चाइना सी में अमेरिकी सेना
यहां पर हम आपको बतातेे चले कि व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारी मीडोज ने कहा कि सुरक्षा की दृष्टि से अभी साउथ चाइना सी में अमेरिकी नौसेना को तैनात किया गया है। इसके साथ ही हम यह संदेश भी पूरी दुनिया को देना चाहते हैं कि हमारी सेना सबसे उतकृष्ट सेना है। चीन, दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर में विवादों में लिप्त है। चीन समूचे दक्षिण चीन सागर में दावा करता है। इतना ही नहीं, वियतमान फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान के क्षेत्र भी उसके दावे में ही आते हैं। इस बीच अमेरिकी व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारी मीडोज ने भारत द्वारा चीनी एप को प्रतिबंधित किए जाने के फैसले को सही ठहराया है।
पीछे हटे सैनिक
गौरतलब है कि पिछले 8 सप्ताह से पैंगोंग , गलवान घाटी और गोग्रा हॉट स्प्रिंग सहित पूर्वी लद्दाख के कई इलाकों में गतिरोध जारी है। मालूम हो कि 15 जून को गलवान घाटी में हिंसक झड़प के दौरान भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे तो वहीं इस बीच चीन के 40 जवान हताहत हो गए थे। जिसके बाद भारत ने चीन के खिलाफ मोर्च खोलतेे हुए एक से एक नई चाल चली और कूटनीतिक वार्ता का दौर भी चला, जिसके बाद अब सीमा से दोनों ही देशों के सेनाओं ने वापस अपने कदम पीछे खींच लिए हैं।



Leave a Reply