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बेहद जरूरी खबर: बिना लक्षण वाले मरीजों के लिए साइलेंट कि’लर है कोरोना वायरस, ऐसे लेता है जा’न, जानें…

नई दिल्ली. भारत समेत दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर जारी है. भारत में कोरोना संक्रमितों (Coronavirus Infected) की संख्या 7 लाख के करीब है. वहीं, कोविड-19 के बिना लक्षण वाले यानी एसिम्प्टोमैटिक (Asymptomatic) मरीजों के बारे में आम राय है कि इन्हें खतरा बहुत कम होता है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. नेचर मैगजीन में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, कोरोना वायरस बिना लक्षणों वाले मरीजों में ‘साइलेंट किलर’ की तरह अटैक करता है. ऐसे मरीजों के फेफड़े धीरे-धीरे खराब होते हैं और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है. फिर अचानक मरीज की मौत हो जाती है.

एक आंकड़े के मुताबिक, भारत में करीब 80 प्रतिशत मरीज एसिम्प्टोमिक हैं, यानी उनमें पहले से कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि दुनिया में ऐसे मरीजों की संख्या 6 से 41 फीसदी तक हो सकती है. इस स्टडी में 37 बिना लक्षण वाले मरीजों का डेटा लिया गया, जो चीन के सेंटर फॉर डिजीज एंड प्रीवेंशन संस्थान द्वारा जुटाया गया था.

मरीजों के सिटी स्कैन से पता लगा कि 57 प्रतिशत मरीजों के फेफड़ों में लाइनिंग शैडो थी, जो फेफड़ों में सूजन या इन्फ्लेमेशन का लक्षण है. इस स्थिति में फेफड़े अपनी स्वाभाविक क्षमता से काम करना बंद कर देते हैं. जिसके बाद मरीज को सांस की दिक्कत होती है और ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौत हो जाती है.

इस स्टडी में शामिल वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि पहली बार बिना लक्षणों वाले मरीजों के क्लीनिकल पैटर्न से इस तरह की बात सामने आई है. पता चला की इन मरीजों के फेफड़ों को नुकसान हुआ तो इनमें खांसी, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण नहीं दिखे. ये आमतौर पर कोरोना संक्रमण के लक्षण होते हैं. ऐसे मरीजों की अचानक मौत होने का खतरा भी अधिक है.

नसों में खून के थक्के जमने से दूसरे अंगों के फेल होने का खतरा

दरअसल, देशभर से आ रहे डाटा बताते हैं कि ऐसे कोरोना रोगी जिन्हें डायबिटीज, बीपी, हार्ट या किडनी आदि की बीमारी है, लेकिन कोरोना के कोई लक्षण नहीं है अगर उन्हें सांस फूलने की दिक्कत आती है तो उनका ऑक्सीजन लेवल लगातार चेक करने की जरूरत है.

ऐसे मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर नीचे आने से अचानक उनकी मौत होने की संभावना बन जाती है, क्योंकि उनके शरीर में छोटे-छोटे खून के थक्के जमा होने लगते हैं, जो कि आर्टरी को ब्लॉक कर देते हैं. इससे दूसरे ऑर्गन फेल हो जाते हैं और देखते ही देखते उनकी मौत हो जाती है. इसे मेडिकल भाषा में हैप्पी हाइपोक्सिया कहते है.

देश में अभी कोरोना के कितने केस?

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 6 लाख 97 हजार 413 हो गई है. 24 घंटे में कोरोना के फिर 24 हजार से ज्यादा केस आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा अपडेट के मुताबिक, रविवार को कोरोना के 24 हजार 248 नए केस आए और 425 मरीजों की जान गई. देश में अभी कोरोना के 2 लाख 53 हजार 287 एक्टिव केस हैं, कोरोना से अब तक 19 हजार 693 मरीजों की मौत हुई है. राहत की बात ये है कि इस महामारी से अब तक 4 लाख 24 हजार 433 लोग रिकवर हो चुके हैं.

Input: News 18

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