पिछले दो दिनों में जिले के करीब एक दर्जन डॉक्टर के कोरोना संक्रमित होने से जूरन छपरा स्थित मेडिकल जोन में हड़कंप है। सं’क्रमित डॉक्टरों ने खुद अपना क्लीनिक बंद कर लिया है। नर्सिंग होम में नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी है। जूरन छपरा में गुरुवार को सन्नाटा रहा।केजरीवाल अस्पताल प्रबंधन ने नोटिस जारी कर कहा कि 15 जुलाई तक प्रसूताओं की भर्ती नहीं ली जाएगी। हालांकि, वहां शिशु रोग विभाग पूर्व की तरह चलता रहेगा। साथ ही पहले से इलाजरत महिलाओं का भी इलाज होते रहेगा।अस्पताल प्रबंधन की ओर से कहा गया है कि कई महिला डॉक्टरों के अस्वस्थ होने से यह फैसला लिया गया है। शहर के कई अन्य नर्सिंग होम प्रबंधन ने भी अगले कुछ दिनों के लिए नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी है। इससे खासकर, बाल रोग विशेषज्ञ के नर्सिंग होम से बीमार बच्चों को दूसरे अस्पताल में ले जाने को लेकर अफरा-तफरी मची रही।जूरन छपरा स्थित रोड नंबर दो के एक चर्चित अस्पताल में बच्चों को भर्ती कराने को लेकर परिजनों एवं अस्पताल प्रबंधन के बीच काफी जिच होता रहा।

उधर, डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने कहा कि जिस नर्सिंग होम के डॉक्टर या स्टॉफ कोरोना संक्रमित हुए हैं वहां के सभी मरीजों की जांच होगी। जिले के कोरोना पॉजिटिव पाए गए डॉक्टरों के क्लीनिक को बंद करा दिया गया है। आवश्यकता पड़ने पर कंटेनमेंट जोन बनाने का आदेश एसडीओ पूर्वी कुंदन कुमार को दिया गया है।इससे पहले जिला प्रशासन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि बुधवार को जिले में पाए गए 54 कोरोना पॉजेटिव मरीजों में अधिकतर 10 दिन पुरानी रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट आयी है।
Input: Dainik Bhaskar



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