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बेटियों को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी देने का प्रयास करें

बेटियों को शिक्षा के साथ संस्कार भी देने का प्रयास करें

सन 1962 भारत-चीन युद्ध के समय असम की बेटियों ने ऐसे ह’थियार थाम लिए थे।

औरआज की कुछ डुडनी लिपिस्टिक पाउडर भोथ के TikTok तक नहीं छोड़ पा रही है। हां बहुत से बेटियां ऐसी है जो अभी भी हर जगह बेटों से कहीं ज्यादा नाम रौशन कर रही है।

संवाद सूत्र : रामशरणागत मिश्रजानीपुर से

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