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#DARBHANGA के इस युवक ने कोरोना से बचाव के लिए तैयार किया डिजिटल PPE…

Coronavirus से भारत ही नहीं, विश्व के अनेक देश प्रभावित हैं। इससे बचाव के लिए शोध और अनुसंधान जारी है। इसी कड़ी में अमेरिका के बोस्टन शहर में स्मार्ट वॉच की कंपनी चलाने वाले भारतीय मूल के दरभंगा निवासी अपूर्व किरण की कंपनी ने डिजिटल पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट) तैयार किया है। यह छोटा सा उपकरण शारीरिक दूरी बनाए रखने में मददगार है। लोगों के नजदीक आते ही अलर्ट करता है। यह उपकरण संपर्क में आने वालों का डाटाबेस तैयार करता है।

भारत में लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य

अपूर्व कंपनी को भारत में लाने की तैयारी में हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि इस उपकरण को तैयार करने का उद्देश्य कोरोना से ठप पड़ीं आर्थिक गतिविधियों को गति देना है। अमेरिका में कई कंपनियोंं, अस्पतालों व शिक्षण संस्थानों में इसका उपयोग किया जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि भारत में लोगों को इस दिशा में जागरूक करें कि सुरक्षित तरीके से काम चालू किया जा सकता है। हमारी योजना है कि भारत के अस्पतालों, फैक्ट्रियों, हवाई अड्डे, सरकारी कार्यालयों आदि जगहों पर इस उपकरण का उपयोग हो।

इस उपकरण की कीमत 15 डॉलर है। शिक्षण संस्थानों में यह उपकरण बेहद कारगर है। इसमें एक थर्मामीटर भी लगा है, जो संपर्क में आने वाले के तापमान से हमें आगाह करता है। इतना ही नहीं, कामगारों की गतिविधियों की मॉनीटरिंग में भी यह कारगर है।

आइआइटी मद्रास से की इंजीनियरिंग

अपूर्व मूलरूप से बेगूसराय जिले के तेघड़ा प्रखंड के हसनपुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता प्रो. चंद्रभानु प्रसाद सिंह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में पीजी हिंदी के विभागाध्यक्ष हैं। वर्तमान में पूरा परिवार दरभंगा में रहता है। अपूर्व ने आइआइटी, मद्रास से मटेरियल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। फिर, बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान से एमटेक करने के बाद वहां अपनी कंपनी शुरूकी। बाद में उसे बेचकर अमेरिकी सरकार की फेलोशिप पर 2011 में अमेरिका चले गए। कॉर्नल यूनिवर्सिटी से कैंसर के उपचार में रोबोटिक्स के उपयोग पर पीएचडी की। इसके बाद बोस्टन शहर में इटरेट लैब्स नामक कंपनी शुरू की।

यह उपलब्धि देश-दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिकी संस्थान, दरभंगा के निदेशक डॉ. एम नेहाल ने बताया कि अपूर्व की यह उपलब्धि देश-दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। वहीं, दरभंगा के सिविल सर्जन डॉ. एके सिन्हा ने कहा कि इस उपकरण की जो खूबियां हैं, वो वर्तमान परिस्थितियों में काफी उपयोगी प्रतीत हो रही हैं। यह खोज समय की मांग है। 

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