पटना. पल भर में फसलों को न’ष्ट कर देने वाला टिड्डियों (Locust) का दल बिहार (Bihar) पहुंच गया है. बिहार के सीमावर्ती जिलों (border districts) में टिड्डियों को लेकर अ’लर्ट जारी कर दिया गया है. कृषि पदाधिकारी और कर्मचारियों को रात को गांव में एहतिहात बरत कर अ’लर्ट रहने को कहा गया है. पूरे राज्य में कृषि विभाग ने किसानों को टिड्डियों के ह’मले से बचने की ट्रेनिंग भी दी है. कृषि विभाग ने रोहतास में कल टिड्डियों के एक दल के आक्रमण के बाद पूरे राज्य में किसानों (Farmers) को स’तर्क रहने का निर्देश दिया है.
रोहतास जिला में टिड्डियों का ‘आ’क्रमण, विभाग सत’र्क
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार के रोहतास जिले के कोचस प्रखंड के सरैया पंचायत में खैरा ग्राम में कल 2 बजे दिन के आसपास टिड्डियों के एक छोटे समूह के आक्रमण की सूचना मिली है, जिस पर हमारे पौधा संरक्षण संभाग और अग्निशमन दस्ते ने रात में ही नियंत्रण कर लिया. वही अब 100-200 की संख्या में टिड्डियों का एक झुंड बक्सर जिला की ओर गया है, उस पर भी शीघ्र ही नियंत्रण कर लिया जाएगा. कृषि विभाग, जिला प्रशासन और अग्निशमन के पदाधिकारी, कर्मचारी पूरी तरह से सतर्क हैं. सीमावर्ती जिलों को हाई अ’लर्ट पर रखा गया है. स्थानीय किसानों को प्रशिक्षण भी दिया गया है. स्थानीय पदाधिकारी और कर्मचारियों को रात में गांव में ही रुकने का निर्देश दिया गया है. टिड्डियों पर नियंत्रण के लिए आवश्यक उपकरण और दवाएं उपलब्ध हैं. विभाग द्वारा इसके लिए दिशा-निर्देश जारी किया गया है. किसानों को किसी प्रकार का नुक’सान नहीं होने दिया जाएगा.

टिड्डियों से बचने के लिए एडवाइजरी
स्थानीय स्तर पर समूह बना कर टीन के डब्बों, थालियों, ढोल आदि बजाकर फसलों को बहुत हद तक टिड्डियों के प्रकोप से बचाया जा सकता है. फसलों पर जैसे ही टिड्डियों का प्रकोप नजर आए तो तुरंत लैंबडासायहेलोथ्रीन 5 ईसी की एक मिली मात्रा प्रति लीटर पानी में अथवा क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी की 2.5 से 3 मिली मात्रा प्रति लीटर पानी में या फिपरोनिल 5 ईसी की एक मिली मात्रा प्रति लीटर पानी में या डेल्टामेंथ्रीन 2.8 ईसी की 1 से 1.5 मिली मात्रा प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करने से टिड्डियों के प्रकोप से फसलों को बचाया जा सकता है



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