बस वाले उड़ा रहे हैं सोशल डिस्टेन्स की धज्जी,ठूस ठूस कर भर रहें हैं बस को। कोरोना महामारी के संकट काल में विभिन्न राज्यों से अपने वतन को लौटे श्रमीको को रोजी रोटी के लिए अब दूसरे राज्यों के लिए पलायन करना पड़ रहा है। जिसका फायदा ट्रेवल्स एजेंसी उठा रहे हैं ठूंस ठूंस कर बसों में सवारी को भर रहे हैं जिस कारण आपसी सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ रही है।
तारा ट्रैवलर्स द बेस्ट टर्मिनल बस के द्वारा पंजाब के अंबाला शहर के लिए शिवहर से डायरेक्ट बस सेवा की व्यवस्था की गई है, जिसमें शिवहर जिले सैकड़ों लोग पलायन कर रहे हैं बस एक जिसमें सीट के अलावा ठूंस ठूंस कर सांवरिया भर कर 2000 से लेकर 2500 रूपये तक श्रमीको से मनमाना किराया वसूल किया जा रहा है।
पलायन कर रहे श्रमिकों ने बताया है कि एक तो लॉक डाउन के कारण हम लोगों को बाहर से अपने घर को कभी पैदल, तो कभी ट्रक पर ,कभी रेलवे पटरियों के सहारे वापस लौटना पड़ा था।

इन 3 महीनों में हम लोग को जैसे तैसे जीवन गुजरी है, लॉकडाउन में गुजारे गए यादों को तरोताजा करते हुए बताया है कि सबसे ज्यादा क्वॉरेंटाइन अवधि रहा,जहां जिला प्रशासन के द्वारा दिए गए सुविधा के बावजूद भी आदमी घिर कर रह गया था।
पैसे की किल्लत, रोजगार के अभाव के कारण हमें मजबूरन फिर से पंजाब के अंबाला शहर में लौटना पड़ रहा है जहां धान की खेती होने वाली है। खेत मालिकों के फोन पर काफी आग्रह करने पर हम लोग अंबाला जा रहे हैं जहां रोजी रोटी की सवाल है।
गौरतलब हो कि शिवहर जिले से रोजाना कई बसों से मजदूर पलायन कर रहे हैं, कई प्रदेशों से कई मालिक अपना निजी गाड़ी लेकर भी मजदूरों को लेने आए हैं, ले जाने की खबर प्राप्त हो रही है।




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