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MUZAFFARPUR: कोरोना संकट के समय मास्क के नाम पर सेहत से खिलवाड़, प्लास्टिक मिक्स कपड़े का हो रहा प्रयोग

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए मास्क अब हर किसी की जिंदगी की जरूरत बन चुका है। यही वजह है कि जिले में मास्क की डिमांड लगातार बढ़ रही है। मांग बढऩे से जिले में मास्क का नया बाजार तैयार हुआ है, जो रोजाना लगभग 10 लाख रुपये का कारोबार कर रहा है। मुजफ्फरपुर में प्लास्टिक मिक्स नॉन वोवन कपड़ा का भी मास्क बेचा जा रहा है। इसका उपयोग सामान लाने के लिए प्रयुक्त थैली बनाने में किया जाता है। घटिया मास्क बेचकर न केवल लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, बल्कि अधिक कीमत वसूल उपभोक्ताओं की जेब पर भी डाका डाला जा रहा है।


प्लास्टिक मिक्स कपड़े के मास्क से घुटन जैसी समस्या

दवा कारोबारी मनीष कुमार बताते हैं कि इन दिनों नॉन वोवन कपड़ा दो तरह का होता है। एक प्लास्टिक मिक्स होता है। जिससे सामान लाने के लिए थैले बनाए जाते हैं। जबकि कॉटन आधारित नॉन वोवन कपड़े से मास्क बनाए जाते थे। इसमें तीन स्तरीय कोटिंग होने से इन्फेक्शन का खतरा नहीं रहता है। जबकि चिकित्सक डॉ. नवीन कुमार के अनुसार प्लास्टिक मिक्स कपड़े के मास्क से चेहरे पर झुर्री और घुटन जैसी समस्या होती है। इनका उपयोग नहीं करना चाहिए।

मास्क निर्माण और कारोबार में 25 हजार से अधिक लोग जुड़े

स्थानीय स्तर पर 30 निर्माण इकाइयां मास्क बनाने में लगी हैं। गांव-गांव तक महिलाएं भी कपड़े के मास्क बना रही हैं। फिलहाल मास्क निर्माण और कारोबार में प्रत्यक्ष तौर पर 25 हजार से अधिक लोग जुड़े हैं। जबकि, रोजाना तकरीबन 50 हजार पीस मास्क का निर्माण हो रहा है। हालांकि, मुजफ्फरपुर में सर्जिकल और कपड़ों के मास्क पर खादी का मास्क भारी है। डिस्पोजेबल मास्क और एन-95 मास्क का उपयोग चिकित्सक, कर्मी और अधिकारी कर रहे है। शुरुआती दौर में मास्क का मनमाना दाम वसूला गया था। चोरी-छिपे यह खेल अब भी जारी है।

दवा दुकान से सब्जी मंडी तक मास्क उपलब्ध

मुजफ्फरपुर में दवा दुकान से सब्जी मंडी तक, चाय की दुकान से पान की दुकान तक मास्क उपलब्ध हैं। बाजार में 15 रुपये से लेकर 350 रुपये तक के मास्क उपलब्ध हैं। लेकिन 30 से लेकर 350 रुपये तक के मास्क की सर्वाधिक मांग है। डिस्पोजेबल मास्क का थोक रेट तीन से पांच रुपये है।

एन-95 मास्क 350 रुपये में

ग्राहकों को 10 से 15 रुपये में बेचा जा रहा है। बाजार में मुलायम कपड़ों और आगे से नेट लगा वॉशेबल मास्क 75 से 90 रुपये तक उपलब्ध है। थोक बाजार में इसकी कीमत 40 रुपये है। डबल लेयर मास्क 15-20 रुपये में बिक रहा है। एन-95 मास्क 350 रुपये और रंग-बिरंगे मास्क 200 में उपलब्ध हैं। घटिया मास्क की बिक्री पर रोक के लिए प्रशासनिक स्तर पर कोई पहल नहीं की गई है। हालांकि, डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने अधिकारियों को इस पर नजर रखने और कार्रवाई का निर्देश जरूर दे रखा है।

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