आज दिनांक 10.06.2020 को भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर राष्ट्रीय स्तर सार्वजनिक क्षेत्र के सभी प्रतिष्ठानों जैसे बैंक, बीमा, संचार, रेलवे, आयुध, FCI, कोयला, सीमेंट, विद्युत्, पावर ग्रिड, आदि पर धरना का आयोजन किया गया. यह Save Public Sector, Save India, के अंतर्गत आयोजित था.
इस अवसर पर बैंक ऑफ़ बड़ोदा तिलक मैदान रोड शाखा के बाहर धरना को सम्बोधित करते हुए नेशनल आर्गेनाइजेशन ऑफ़ बैंक वर्कर्स के राष्ट्रीय महामंत्री श्री उपेंद्र कुमार ने कहा कि देश का सार्वजनिक क्षेत्र ने हर विकट परिस्थिति में राष्ट्रीय हितों में कुशल प्रबंधन का परिचय दिया है. आज जब COVID -19 से लड़ाई चल रही तो ये संस्थाएं अवाध रूप से ईंधन, संचार, बैंकिंग विमानन, रेलवे, वेंटीलेटर उत्पादन, FCI आदि ने कुशल संकट प्रबंधक के रूप में कार्य किया है और इनका निम्नलिखित प्रमुख योगदान है:–
GDP में लगभग 10-12%योगदान
सरकार के राजस्व संग्रह का प्रमुख श्रोत
बैंकिंग के माध्यम से जन धन के अतिरिक्त सारी सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन

आत्मनिर्भर भारत में MSME को 3लाख करोड़ तथा ढाई करोड़ किसानों को दो लाख करोड़ का ऋण प्रदान करना.
लगभग 40000करोड़ के सोशल रिस्पांसिबिलिटी फण्ड का उपयोग स्वच्छ भारत, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुविधाएं आदि का देखभाल करना.
अतः आज इस धरना के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री को निम्नलिखित मांगो के सन्दर्भ में एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया.
सार्वजनिक क्षेत्र की निजीकरण एवं विनिबेशीकरण पर रोक लगे
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का बिलय एवं निजीकरण पर रोक लगे
11बी वेतन समझौता जल्द पूरा हो.
कर्मचारियों की नियुक्ति एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मियों की नियुक्ति जल्द की जाय.

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में NOBW के पदाधिकारियों को ओद्योगिक परिवाद (IR) में भाग लेने का अधिकार दिया जाय.
उक्त धरना कार्यक्रम में मास्क, सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया. शाखा स्तर के कर्मचारियों ने भाग लिया जिसमें अभिषेक ठाकुर, उमेश राय, ध्रुव राज, हेमंत हिमांशु, सुनील कुमार एवं विजय कुमार उपस्थित थे.





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