कोरोना वायरस ने सरकारी कार्यालयों की कार्यसंस्कृति पूरी तरह बदल कर रख दी है। वायरस से बचाव के लिए कार्यालयों में स्वास्थ्य सुरक्षा उपकरण की बढ़ी मांग ने पब्लिक सेक्टर को रोजगार और बाजार को नया कारोबार दिया है। यही वजह है कि जिले में सैनिटाइजर, सैनिटाइजिंग मशीन, थर्मल स्कैनर, मास्क, पीपीई किट और ग्लब्स का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। जिले में दर्जनों इकाईयां मास्क, ग्लब्स, पीपीई किट और सैनिटाइजर का निर्माण भी करने लगी हैं। दिल्ली और पटना की प्रमुख कंपनियां जिले में इन सामग्री की आपूर्ति कर रही हैं। जबकि, स्वास्थ्य सुरक्षा उपकरणों का आनलाइन कारोबार भी तेजी से फैल रहा है।
कारोबारी रंजन कुमार बताते हैं कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रसार के बीच सरकारी कार्यालयों में कामकाज को गति देने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी उपकरणों की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे इनका कारोबार तीन गुनी रफ्तार से बढ़ रहा है। इस कारोबार का आंकड़ा आठ लाख के करीब पहुंच गया है। 11 हजार से अधिक लोगों को इनमें रोजगार मिला है। 40 से अधिक इकाइयां उत्पादन में लगी हैं।

बगैर मास्क-ग्लब्स प्रवेश नहीं, थर्मल स्कैनिंग जरूरी
कोरोना से उत्पन्न स्थिति में सरकारी कार्यालयों की तस्वीर बदल गई है। कार्यालयों में सैनिटाइजिंग मशीन व डिस्इंफेक्शन मशीन लगाई गईं हैं। थर्मल स्कैनिंग के बाद ही कार्यालयों में प्रवेश की व्यवस्था है। बगैर मास्क और ग्लब्स के पहुंचे लोगों के कार्यालयों में प्रवेश पर मनाही है। काम के दौरान अधिकारी-कर्मचारी शारीरिक दूरी का पालन कर रहे हैं। अधिकारी वीडियो इंटरकॉम का सहारा ले रहे हैं। आयुक्त कार्यालय, आइजी, डीआइजी कार्यालय, समाहरणालय, एसपी कार्यालय, कृषि कार्यालय, शिक्षा, स्वास्थ्य और निर्माण से जुड़े विभागों में संक्रमण से बचाव की पूरी व्यवस्था है। अब कुछ कार्यालयों में सेंसर आधारित सैनिटाइजेशन मशीनें और यूवी डिसइंफेक्शन बाक्स लगाने की तैयारी की जा रही है।
जिला जन संपर्क अधिकारी कमल सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर सूबे की सरकार सजग है। आम जनता से लेकर सरकारी अधिकारी और कर्मचारी तक की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर है। सरकार के निर्देश के आलोक में जिले के तमाम सरकारी कार्यालयों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपकरणों से लैस कर दिया गया है। वहीं शारीरिक दूरी के पालन, थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजिंग की व्यवस्था की गई है।
पुलिस और जन सरोकार से जुड़े कार्यालयों में थर्मल स्क्रीनिंग
थाना, एसपी कार्यालय समेत जन सरोकार से जुड़े कार्यालयों में थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था है। भीड़-भाड़ वाले कार्यालयों में भी थर्मल स्कैनिंग के बाद ही लोगों को प्रवेश दिया जा रहा है। लोग भी मास्क लगाकर पहुंच रहे हैं। यही व्यवस्था बैंक, बीमा कार्यालयों के अलावा निजी क्षेत्र के कार्यालयों में दिख रही है। उधर मेडिकल कॉलेज और अस्पतालों में भी चाक-चौबंद व्यवस्था दिख रही है।



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