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MUZAFFARPUR: बाढ़ को लेकर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अ’लर्ट मोड़ पर रहने को कहा

बाढ़ को लेकर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अलर्ट मोड़ पर रहने को कहा

  • बाढ़ पूर्व तैयारी करने को कहा
  • ऊंचे स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश
  • 168 पंचायतों की पहचान बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में हुई
    मुजफ्फरपुर। 4 जून

जिला आ’पदा प्राधिकरण ,मुजफ्फरपुर के तत्वाधान में संभावित बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर विस्तृत समीक्षात्मक बैठक जिलाधिकारी मुजफ्फरपुर डॉ० चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई।बैठक में जिला स्तरीय सभी वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे,जबकि प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। बैठक में डीएम चंद्रशेखर सिंह ने बिंदुवार एजेंडा पर समीक्षा की। समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी प्रखंडों के बीडीओ एवं सीओ को निर्देश दिया कि आपने- अपने प्रखंड में वर्षा मापक यंत्र की स्थिति की समीक्षा कर ले कि वह काम कर रहा है कि नहीं यदि काम नहीं कर रहा है तो शीघ्र दुरुस्त करा लिया जाए। जिलाधिकारी ने ऊंचे शरण स्थलों का चिन्हीकरण, तटबंधों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक 1 किलोमीटर पर होमगार्ड की प्रतिनियुक्ति, नावों का निबंधन, नाव में लाल रंग के लाइन अंकित करना इत्यादि के बारे में भी समीक्षा की ।बाढ़ ग्रस्त इलाकों में दवा की व्यवस्था, मेडिकल कैंप, पशु चारा एवं पशु दवा की स्थिति, मानव दवा की उपलब्धता, गोताखोरों की सूची एवं उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि आगे आने वाले समय में बाढ़ हमारे लिए एक चुनौती के रूप में सामने आ सकता है। ऐसे में इस विषम परिस्थिति का सामना करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करना जरूरी होगा। सभी विभाग अलर्ट मोड में रहें। अपर समाहर्ता ,आपदा प्रबंधन द्वारा बताया गया कि 168 संभावित बाढ़ क्षेत्र (पंचायतों) संकटग्रस्त क्षेत्रों को सूचीबद्ध किया गया है। सभी प्रखंडों का जोखिम संसाधन मानचित्रण जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मुजफ्फरपुर द्वारा तैयार करा लिया गया है ।संकटग्रस्त व्यक्ति समूह सूची को अद्यतन किया जा रहा है। वर्तमान में 112403 परिवार सूचीबद्ध है ।उन्होंने बताया कि आईसीडीएस डीपीओ द्वारा 133458 0 -5 वर्ष के बच्चे, 13478 धात्री माताओं एवं 13593 गर्भवती महिलाओं की संख्या उपलब्ध कराई गई है ।

उन्होंने बताया कि निजी नाव मालिकों से लेकर इकरारनामा करने की कार्रवाई की जा रही है ।बताया कि कुल निजी नावों की संख्या 242 जबकि सरकारी नावों की संख्या 27 है तथा अंचल के अंतर्गत उपलब्ध अन्य उपयोगी संसाधनों व नाव मालिकों की सूची को अद्धतन कर लिया गया है। जिला आपदा प्राधिकरण के द्वारा बताया गया कि जिले में 6 मोटर बोट, एक महाजाल, एक इनफ्लैटेबल लाइट ,65 लाइफ जैकेट तथा 65 टेंट उपलब्ध है।8208 पॉलिथीन सीट उपलब्ध है। सभी गैर एवं सरकारी नावों का सर्वेक्षण कर नावों को निबंधित करने की कार्रवाई की जा रही है ।बताया गया कि संवेदनशील स्थलों पर बालू भरा बोरा ,जियो टैग, बालू एवं बोल्डर स्टॉप पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है ।साथ ही प्रत्येक प्रमंडलों के केंद्रीय गोदाम में तटबंध सुरक्षा संबंधी पर्याप्त सामग्री उपलब्ध है। बताया गया कि कार्यपालक अभियंता द्वारा जल स्तर की सूचना नियमित रूप से 15 जून से प्रेषित करने की करवाई की जा रही है तथा 15 जून से ही प्रत्येक 1 किलोमीटर के अंतराल में एक होमगार्ड तथा प्रत्येक 10 किलोमीटर में एक तकनीकी पदाधिकारी की प्रतिनियुक्ति करने हेतु आवश्यक कार्रवाई की जा रही है ।वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बताया गया कि भंडार में आवश्यक मानव दवाओं की उपलब्धता पर्याप्त है। एंटी वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अंचल वार मोबाइल मेडिकल टीम का गठन कर लिया गया है। वही पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि शरण स्थलों पर मेडिकल कैंपों के संचालन हेतु योजना बना लिया गया है। शरण स्थलों के निकट मेडिकल कैंप का संचालन करने हेतु पशु चिकित्सा पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति कर ली गई। पशु दवा की भी उपलब्धता पर्याप्त है।

इसके अतिरिक्त बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी ,जिला सहकारिता पदाधिकारी, डीपीओ आईसीडीएस एवं अन्य विभागों के पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बाढ़ पूर्व तैयारी तैयारियां से स-समय करना सुनिश्चित कर लें। बैठक में डीडीसी उज्जवल कुमार सिंह, सहायक समाहर्ता खुशबू गुप्ता ,अपर समाहर्ता राजेश कुमार ,अपर समाहर्ता आपदा अतुल कुमार वर्मा,जिला पंचायतीराज अधिकारी फैयाज अख्तर, अपर नगर आयुक्त विशाल आनंद के साथ अन्य जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

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