बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने गोपालगंज मामले पर अपनी सफाई दी है। डीजीपी ने यहां तक कह डाला कि अगर ऐसा ही रहा तो नौकरी छोड़ दूंगा। गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ किया कि मैने आज तक जात-पात के नाम पर किसी भी अ’पराधी को संरक्षण नहीं दिया।
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय आज सोशल मीडिया पर लाइव हुए और उन्होनें गोपालगंज मामले पर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान वे राजनीतिक पार्टियों द्वारा लगाये गये आ’रोपों से खासे आहत दिखे। उन्होनें कहा कि मैं 35 साल से पुलिस की नौकरी कर रहा हूं। दस जिलों में एसपी और 20 जिलों में बतौर आईजी-डीआईजी काम किया है लेकिन आज तक मुझे जात दल मजहब संप्रदाय के नाम पर कभी भेदभाव करने का आ’रोप नहीं लगा।
डीजीपी ने कहा कि मैनें अपनी नौकरी के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री रहे लालू यादव और राबड़ी देवी के साथ भी काम किया है और सीएम नीतीश कुमार के साथ भी काम किया है। हर वक्त मैनें पूरी इमानदारी से अपनी ड्यूटी निभायी है। सैकड़ों बार अपनी जान जोखिम में डालकर सांप्रदायिक झगड़ों को सुलझाया है। बिहार में मैने अब तक कई चुनाव करवाए हैं लेकिन इस दौरान मेरे उपर किसी पार्टी विशेष को मदद पहुंचाने या फिर किसी जात-जमात की मदद करने का भी कोई आ’रोप नहीं लगा है।

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे कुछ लोगों को गलत सूचना देकर बरगलाया जा रहा है। जो लोग भी ये सूचना उन तक पहुंचा रहे हैं वे कभी उनके शुभचिंतक नहीं हो सकते। उन्होनें कहा कि सतीश पांडेय और निश्चित तौर पर अपराधी हैं।
सतीश पांडेय के खि’लाफ अब तक 45 केस दर्ज हुए हैं जिसमे चोरी से लेकर ह’त्या तक के गं’भीर मामले हैं। वहीं मुकेश पांडेय पर भी कई केस हैं लेकिन विधायक पप्पू पांडेय पर अब तक कोई आपराधिक मामला नहीं है। पुलिस गोपालगंज मामले का अनुसंधान कर रही है।



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