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कोरोना वायरस से ड’रने की नहीं, ल’ड़ने की जरुरत….

कोरोना वायरस से डरने की नहीं, लड़ने की जरुरत
• कोरोना वायरस से संक्रमण निंदा का कारण नहीं, बढ़ाएं हौसला
• सामाजिक निंदा से मेडिकल केयर और जांच से हिचकते हैं लोग
• डब्ल्यूएचओ ने पोस्टर के माध्यम से बताया सामाजिक निंदा का दुष्प्रभाव

मुजफ्फरपुर। 25 मई:
कोरोना विश्व के साथ हमारे देश में भी फैल चुका है। जिसकी वजह से देश में भय का माहौल बना है।इसी भय ने कोरोना को लेकर भ्रम अथवा भ्रांति को जन्म दिया है। जिसकी वजह से शायद लोग जांच करवाने को आगे नहीं आना चाहते। उनके मन में कहीं न कहीं यह भय है कि ऐसा करने से उनका सामाजिक रुप से कहीं तिरस्कार न हो जाए। और इस बात की सच्चाई जांच के आंकड़े ही बता रही हैं। डब्ल्यूएचओ ने इस विषय के बारे मे एक पोस्टर जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि लोगों में खुद आगे आकर कोरोना संक्रमण की जांच और मेडिकल केयर की संख्या घटी है। जो भविष्य में कोरोना संक्रमण की संख्या में इजाफा कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो कोरोना का संक्रमण समुदाय स्तर पर फैलते देर नहीं लगेगी। जिनमें अगर कोरोना के एक दो लक्षण भी हैं वे आगे नहीं आ रहे। वहीं वह सेल्फ आइसोलेशन भी नहीं ले पा रहे हैं। यह सभी सामाजिक निंदा के कारण ही उतपन्ना हो रही है। वह सोंच रहे हैं कि कहीं ऐसा करने से उनके प्रति लोगों में गलत भावना न आ जाए। जो सीधे तौर पर संक्रमण के विस्तार को बढ़ावा देगी। जबकि यह सत्य है कि कोरोना सिर्फ उन्हीं के लिए खतरनाक है जिनका पहले से कोई खतरनाक बीमारी से रिश्ता रहा हो। एक बेहतर इम्यून सिस्टम के आदमी को इससे कोई खतरा नहीं है। अगर आपमें कोरोना के कोई भी लक्षण दिखते हों तो खुद को सेल्फ आइसोलेशन में ले लें।

एक जिम्मेदार नागरिक के रुप में इन नियमों का पालन करना चाहिए:

• आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाले लोगों के प्रयासों की सराहना करें और उनके परिवारों का समर्थन करें।
• किसी प्रमाणित संस्था या स्वास्थ्य मंत्रालय से प्राप्त सूचानाओं को ही बताएं या फैलाएं
• जो लोग कोरोना वायरस से संक्रमित होकर अब बिल्कुल ही स्वस्थ्य हो चुके हैं उनकी सकारात्मक कहानियां शेयर करें
• जो लोग खुद को होम आइसोलेट किए हों, उनकी जानकारी को गुप्त ही रखें
• डर और दश’हत फैलाने से बचें
• कोविड के प्रसार हेतु किसी समुदाय या क्षेत्र को लेबल मत किजिए
• कोविड 19 एक संक्रामक बीमारी है. अत: हमें खांसते या छींकते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए
• कोविड 19 के इलाजरत को पीड़ित से संबोधित न करें, उन्हें कोरोना वारियर्स कह सकते हैं
• डॉक्टर, नर्स, पुलिस, हेल्थ प्रोफेशनल्स संकट के बीच भी हमारी सेवा में तत्पर हैं, ऐसे में वह हमारी प्रशंसा और समर्थन के पात्र हैं
• आवश्यक सेवा प्रदान करने वालों के परिवार वालों के साथ भेदभाव न करें। यह कोरोना वायरस के खिलाफ हमारी लड़ाई को कमजोर करती है
• कोरोना के प्रति डर और दशहत फैलाने से बचें

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