मुजफ्फरपुर. मुजफ्फरपुर के सांसद और भाजपा नेता अजय निषाद ने अल्पसंख्यक समुदाय के धर्मगुरुओं को टारगेट किया है. सांसद अजय निषाद ने कहा है कि अल्पसंख्यक समुदाय के धर्मगुरु बच्चों के कोमल मन और हृदय में क’ट्टरपंथ की भावना भर देते हैं और फिर अपने हिसाब से उनका इस्तेमाल करते हैं. आमतौर पर मदरसा में शिक्षा ग्रहण करने वाले ऐसे लोग कम पढ़े लिखे होने के कारण इन धर्मगुरुओं की बात पर चलते हैं. भाजपा नेता ने कहा कि मदरसे से पढ़कर निकलने वाले लोग हिंदू -मुस्लिम की तर्ज पर लड़ाई करने में पर आमदा होते हैं. सांसद ने मदरसा द्वारा दी जा रही शिक्षा को तत्काल बंद करने की वकालत की है.
मदरसा की शिक्षा बंद होनी चाहिए
मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद ने कहा है कि मदरसा द्वारा दी जा रही धर्म के आधार पर शिक्षा समाज को गलत दिशा में ले जा रही है. सांसद ने बिहार सरकार से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है और मदरसा शिक्षा को दी जा रही करोड़ों की सहायता को तत्काल बंद करने की मांग की है. सांसद ने कहा कि सभी को पढ़ना लिखना और कानून समझना जरूरी है. इसके लिए सभी धर्म के लोगों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने की व्यवस्था होनी चाहिए.
वन नेशन वन एजुकेशन
सांसद अजय निषाद ने कहा कि देश पहले हैं फिर हम सभी हैं. इसके लिए आवश्यक है कि वन नेशन वन एजुकेशन के फार्मूले को लागू किया जाए. इसके लिए वो सरकार से भी मांग कर रहे हैं और आने वाले संसद सत्र में इस बात को लेकर अपनी बात सदन के सामने भी रखेंगे ताकि देश में एक समान शिक्षा प्रणाली हो और सभी को शिक्षित होने का अधिकार प्राप्त हो. एक समान शिक्षा मिलने से समाज के सभी वर्गों का समान रूप से विकास संभव हो सकेगा जिससे देश में प्रगति और खुशहाली आ सकेगी. सांसद ने धर्म के आधार पर दी जाने वाली शिक्षा पर रोक की मांग भी की.

बिहार की शिक्षा व्यवस्था फेल
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि बिहार में मौजूदा शिक्षा प्रणाली चौपट हो गई है. स्कूल में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई नहीं कराई जा रही है. केंद्र सरकार के जवाहर नवोदय विद्यालय और सेंट्रल स्कूल का उदाहरण देते हुए सांसद ने बताया कि इन स्कूलों की शिक्षा कई गुना बेहतर है जिसमें बच्चों को संस्कार के साथ हैं उन्हें सही तरीके से शिक्षित भी किया जाता है लेकिन आज बिहार की शिक्षा-व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है जिसे ठीक करने की आवश्यकता है ताकि बच्चों के भविष्य को उज्जवल किया जा सके.
मदरसा में पढ़ने वाले बनाते हैं टायर का पंचर
पिछले दिनों भाजपा नेता और मुजफ्फरपुर के सांसद अजय निषाद ने इस तरह का एक और बयान दिया था जिसमें उन्होंने कहा था कि मदरसा में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा का स्तर काफी कमजोर होता है और मदरसे से पढ़कर निकलने वाले बच्चे साइकिल और मोटरसाइकिल और दूसरी गाड़ियों के टायर का पंचर बनाने योग्य बन पाते हैं. इस बयान के बाद मुजफ्फरपुर में उनके खिलाफ कोर्ट में परिवाद भी दर्ज कराया गया है और दूसरी राजनीतिक दल के नेताओं ने उनके बयान की निंदा भी की थी लेकिन आज भी सांसद अजय निषाद अल्पसंख्यक समाज की भलाई के लिए मदरसा शिक्षा की जगह आधुनिक तरीके से दी जाने वाली शिक्षा को अल्पसंख्यक समाज के साथ ही देश के भविष्य के लिए आवश्यक बताने वाले बयान पर कायम हैं.



अजय निषाद पहले अपने शिक्षा का विवरण दे की वो कितने पढ़े लिखे है फिर बयान दे उनको मालूम होना चाहिए की मदरसा मै आम पब्लिक दान देती है उसी से मदरसा चलता है मदरसा सिर्फ इंडिया में नहीं बल्कि पूरी दुनिया मै है अजय निषाद कभी शहर के विकाश कि बात नहीं lockdown से लोग परेशान है उसमे राहत पैकेट नहीं बनता आजतक जनता के बीच मै नहीं गए जिला के आदा से ज्यादा आबादी उनको नहीं जानता उनको और कुछ नहीं हुआ तो हिन्दू मुस्लिम करने चले अभी हमारा देश मुश्किल घरी मै चल रहा है और उनको जिला के मजदूरों का ख्याल रखना चाहिए तो वो नहीं हो रहा है बस एक धर्म को टारगेट करना है और अपनी राजनीतिक चमकाना है पर अब देश की जनता जाग चुकी है ये सब जानती है कोन क्या है एक बार ईवीएम हटाकर चुनाव करवा लीजिए तो पता चल जाएगा जनता आपको और आपके पार्टी को कितना चाहती है