देश में चक्रवाती तूफान ‘एम्फन’ (Cyclone Amphan) दस्तक दे चुका है। चक्रवात एम्फन अब बंगाल और ओडिशा तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। चक्रवात की वर्तमान गति 160 किमी/घंटा है। वर्तमान में, यह दीघा से लगभग 1000 किलोमीटर दूर है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) का अनुमान है कि इस तूफान की गति 200 किलोमीटर प्रति घंटे से भी ज्यादा हो सकती है। यह काफी भयावह और विध्वंसक हो सकता है। यह पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे तटीय राज्यों के अलावा कई मैदानी राज्यों में भी तबाही मचा सकती है।चक्रवाती तूफान ‘एम्फन’ सोमवार शाम को सुपर साइक्लोन में बदल गया है।
बताया जा रहा है कि 20 मई की दोपहर या शाम को यह चक्रवाती तूफान दीघा (पश्चिम बंगाल)-हटिया आईलैंड (बांग्लादेश) को पार करेगा। इस दौरान हवा की गति करीब 155-165 किमी प्रति घंटा होगी। मौसम विभाग के अनुसार ‘एम्फन’ तूफान 20 मई के आसपास पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से गुजेरगा। तूफान की तीव्रता के कारण काफी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
पीएम मोदी ने की समीक्षा, हरसंभव मदद का आश्वासन
उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में ‘एम्फन’ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने इससे प्रभावित होने वाले राज्यों को केंद्र से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। पीएम ने तूफान की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद, ट्विटर पर लिखा कि वे सभी की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करते हैं और केंद्र सरकार से हर संभव मदद का आश्वासन देते हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि समीक्षा बैठक में पीएम ने स्थिति का जायजा लिया और उपायों की समीक्षा के साथ ही केंद्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा प्रस्तुत निकासी योजना की बारीकियों को समझा। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, पीएम के प्रधान सलाहकार पी के सिन्हा और कैबिनेट सचिव राजीव गौबा भी शामिल हुए।
175 से 195 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से बंगाल के तट से टकराएगा तूफान
मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक एम.महापात्रा के अनुसार सोमवार को विनाशकारी तूफान में तब्दील होने वाला एम्फन बुधवार दोपहर बाद 175 से 195 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बंगाल के तट से टकराएगा। बंगाल के निकट दिगहा और बांग्लादेश के हटिया द्वीप के बीच यह तूफान बंगाल के तटवर्ती क्षेत्र को भारी क्षति पहुंचाएगा। इसके असर से पूर्वी मेदिनीपुर, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता बुरी तरह प्रभावित होंगे। इसी तरह उड़ीसा के जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, मयूरभंज, भद्रक, जाजपुर और बालासोर में भारी नुक्सान की आशंका है। इस दौरान कहीं भारी और कहीं हल्की बारिश भी होगी। तूफान के असर से बंगाल में समुद्र तट पर चार से छह मीटर व उड़ीसा में समुद्र तट पर तीन से चार मीटर ऊंची लहरें उठेंगी। इससे कई निचले इलाकों में पानी भर जाएगा।

एनडीआरएफ की 25 टीमें मोर्चे पर तैनात
एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बाद में जल्दबाजी में बुलाए गए एक संवाददाता सम्मेलन में अपनी तैयारियों का विवरण दिया। अनुक्रिया योजना की प्रस्तुति के दौरान एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि 25 एनडीआरएफ टीमों को मोर्चे पर तैनात किया गया है, जबकि 12 अन्य रिजर्व में हैं। इनके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों चौबीस अन्य एनडीआरएफ टीमें तैयार हैं। उन्होंने कहा कि 1999 के फानी के बाद यह दूसरा मौका है जब कोई इतना शक्तिशाली तूफान भारतीय तट से टकराने जा रहा है। उल्लेखनीय है फानी ने तब उड़ीसा में जानमाल को बहुत नुक्सान पहुंचाया था।
NDRF ने ओडिशा के तटिय इलाकों के लिए चेतावनी जारी
एनडीआरएफ ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय इलाके और आसपास के क्षेत्र में तूफान की चेतावनी दी है। यह चेतावनी दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बीते छह घंटों के दौरान कम दबाव के क्षेत्र के तेजी से चक्रवाती तूफान में तब्दील होने के चलते दी गई है। सरकार ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वह 18 मई से लेकर समुद्र में या समुद्री तटों पर ना जाएं।
इन राज्यों में दिखेगा असर
चक्रवाती तूफान एम्फान को देखते हुए मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर में पहले ही ऑरेंज एलर्ट जारी किया है। यहां तूफान की वजह से बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में उठे तूफान अम्फान के कारण दिल्ली-एनसीआर के इलाके में भी मौसम में बदलाव देखे जा सकते हैं। चक्रवाती तूफान ‘अम्फान’ इस समय बंगाल की खाड़ी पर 12.5 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 86.4 डिग्री पूर्वी देशांतर पर है। बिहार और झारखंड में भी मौसम में बदलाव हो सकता है। यहां भी चक्रवाती तूफान अम्फान के प्रभाव के कारण बारिश की संभावना बन रही है।



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