मुज़फ़्फ़रपुर के लीची व्यापारियों को सरकार 2000 करोड़ के आर्थिक पैकेज देने की घोषणा करे :- संजीव सिंह
बिहार कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सह बिहार कांग्रेस के सोशल मीडिया एवं आई टी सेल के अध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि लीची की फसल तैयार होने में कम ही समय रह गया है लेकिन लॉक डाउन के कारण लीची के पौधों पर छिड़काव नही हो रहा है , आरा मशीन के बंद रहने से इसकी पैकैजिंग के लिए बक्से बनाने का काम नहीं शुरू हुआ है। लीची के पैकेजिंग के लिये आमतौर पर लकड़ी के बक्से का प्रयोग होता है। उन्होंने कहा कि इस साल लीची फसल अनुकूल मौसम के कारण काफी अच्छी है। आम तौर पर 15 से 20 मई के बीच शाही लीची पककर तैयार होता है लेकिन मई के पहले सप्ताह से ही मुजफ्फरपुर के शाही लीची को तोडऩे का काम व्यापारी शुरू कर देते हैं। लेकिन कोरोना संकट के कारण देश भर में लागू लॉकडाउन के कारण इस साल व्यापारियों को लीची को दूसरे राज्यों में भेजने पर अभी से संकट दिखाई पड़ रहा है। ई संजीव सिंह ने कहा कि देश के कुल लीची उत्पादन का 40 फीसदी उत्पादन सिर्फ मुजफ्फरपुर जिले में होता है। देश में 10 लाख टन लीची का उत्पादन होता है। जिसमें बिहार, देश का 70 फीसदी लीची उत्पादन करता है जिसमें से अकेले 50 फीसदी लीची मुजफ्फरपुर में होती है। यानि बड़े पैमाने पर लीची की बागवानी नकदी फसल के विकल्प के तौर पर किसान लीची की बागवानी करते हैं।

कांग्रेस नेता संजीव सिंह ने कहा कि 10 हजार करोड़ की इकोनॉमी लीची की बागवानी से जुड़ी हुई है जिसमें से सबसे अधिक फ्रेश लीची का कारोबार दूसरे राज्यों में लीची को भेजकर ही किया जाता है लेकिन कोरोना संकट के कारण हुए लॉक डाउन में लकड़ी के बक्से के निर्माण की अनुमति के साथ ही गाडिय़ों के परमिट के बारे में किसान परेशान हो रहे हैं। जिसके कारण लीची व्यापारियों को कम से कम 2000 करोड़ रुपए का आर्थिक नुकसान हो रहा है । संजीव सिंह ने बिहार सरकार से मांग की है मुज़फ़्फ़रपुर के लीची व्यापारियों को 2000 करोड़ के आर्थिक पैकेज की घोषणा बिहार सरकार अबिलम्ब करे ।





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