कोरोना से मचे हा’हाकार के बीच राजधानी के लोगों को लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। इसबार गर्मी में उन्हें पानी की कि’ल्लत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बता दें अमूमन, अप्रैल-मई में राजधानी का वाटर लेवल 70 से 75 फीट के करीब रहता है। वर्ष 2019 में इसी माह में यह 75 फीट के स्तर पर था। जबकि इस वर्ष मई में वाटर लेवल 55 फीट है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल वाटर लेवल 20 फीट ऊपर है।
4 साल में पहली बार शहर का वाटर लेवल सामान्य
4 साल में पहली बार शहर का वाटर लेवल नॉर्मल है। वर्ष 2015-16 में वाटर लेवल 55 फीट के आसपास था। वाटर लेवल नीचे नहीं जाने से लोगों को इस बार जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि लॉकडाउन में पानी की कम खपत होने तथा अप्रैल व मई में हुई बारिश ने वाटर लेबल को बरकरार रखा है। इससे शहर के लोगों को पानी की कि’ल्लत या ग्राउंड वाटर नीचे जाने जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन घोषित है। इससे करीब 44 दिनों से मॉल, होटल, बाजार और उद्योग बंद होने के कारण पानी की खपत 30 फीसदी कम हो रही है। वहीं घरेलू स्तर पानी की खपत 10 फीसदी तक बढ़ गई है। इससे भूजल स्तर में सुधर आया है।



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