बागमती नदी पर तटबंध बनाने पर रोक लगा कर सरकार ने कई वर्ष पहले रिव्यू कमिटी का गठन किया था। लेकिन रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने के पहले ही फिर से तटबंध बनाने का काम शुरू कर दिया गया है जो सरकार के ही पिछले निर्णय के खिलाफ है। रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने तक तटबंध बनाने पर रोक लगाने के लिए चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा की बैठक केवटसा पंचायत के मिश्रौली गांव में संपन्न हुई। जिसमें यह तय किया गया कि 6मार्च को जिलाधिकारी से मिलकर तटबंध निर्माण पर रोक लगाने की मांग की जायेगी। बैठक की अध्यक्षता
संजीव कुमार राय ने और संचालन मुकेश शर्मा ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए बागमती संघर्ष मोर्चा के संयोजक व माले नेता जितेन्द्र यादव ने कहा कि नीतीश सरकार ने ही कई वर्ष पहले नदी विशेषज्ञों की रिव्यू कमिटी की घोषणा की थी और कहा गया था कि रिव्यू कमिटी की रिपोर्ट आने तक तटबंध निर्माण पर रोक लगा रहेगा। लेकिन आजतक रिव्यू कमिटी को प्रभावकारी नहीं बनाया गया, जिसके कारण रिव्यू कमिटी की कोई रिपोर्ट नहीं आ पाई है। लेकिन पुलिस-प्रशासन के बल पर जबरन तटबंध बनाने का काम शुरू कर दिया गया है जो सही नहीं है। प्रशासन को तटबंध निर्माण पर अविलंब रोक लगा देना चाहिए। इस संदर्भ में एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी से मिलकर मांगपत्र प्रस्तुत करेगा। यदि निर्माण पर रोक नहीं लगाई जाती है तो बागमती क्षेत्र की जनता रोक लगाने के लिए फिर से आंदोलन तेज करेगी।



बैठक में बागमती संघर्ष मोर्च के नेता जितेन्द्र यादव, नवलकिशोर सिंह, जगन्नाथ पासवान, संजीव कुमार राय,रामलोचन सिंह,बैद्यनाथ मिश्र, उमेश राय, कर्णजीत सिंह, रविन्द्र किशोर सिंह, राजकिशोर राय,हुकूमदेव प्रसाद यादव,मुकेश शर्मा, मोनाजिर हसन, मिथलेश राय सहित अन्य लोग शामिल थे।
– चास-वास-जीवन बचाओ बागमती संघर्ष मोर्चा संयोजन समिति द्वारा जारी





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