शनिवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके शनिदेव की पूजा की जाती है. शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए, ये उपाय किए जा सकते हैं:
- शनिदेव की मूर्ति पर तेल, फूल-माला चढ़ाएं.
- शनिदेव को पंचामृत से स्नान कराएं.
- शनिदेव को फल, मिठाई आदि का भोग लगाएं.
- तिल के तेल या सरसों के तेल का दीपक जलाएं.
- शनिदेव की स्तुति का पाठ करें.
- पूजा का समापन शनिदेव की आरती से करें.
- शनिदेव की लोहे से बनी मूर्ति की पूजा करें.
- शनिदेव को काला तिल, सरसों का तेल, काला वस्त्र आदि अर्पित करें.
- शनिदेव की कथा सुनें.
- शनिदेव के मंत्र और स्तोत्र का जाप करें.
शनिवार के दिन व्रत रखने वाले लोगों को मन, वचन, और कर्म से पवित्र होना चाहिए. व्रत के बाद अगले दिन शनिदेव की पूजा के बाद ही व्रत का पारण करना चाहिए.
शनिदेव के प्रिय मंत्र: ऊँ नीलांजनसमाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्, छायामार्तण्डसम्भूतं तं नमामि शनैश्चरम्.








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