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बांग्लादेश ISKCON पर लगाएगा बैन! क्या हिंदू वहां सेफ हैं? चिन्मय कृष्ण केस में भारत के दखल पर भड़का पड़ोसी

दिल्ली. बांग्लादेश के चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस के प्रेस सचिव हाफिकुल इस्लाम ने शुक्रवार को यह स्पष्ट किया कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पूरी तरह सुरक्षित है और इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) पर प्रतिबंध लगाने का उनका कोई इरादा नहीं है. उन्होंने साथ ही कहा कि भारत को इस मुद्दे पर बयान नहीं देना चाहिए था क्योंकि यह बांग्लादेश का आंतरिक मामला है. सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत में हाफिकुल इस्लाम ने कहा, “बांग्लादेश में हिंदू सुरक्षित हैं. यहां एक स्तर पर झूठी जानकारी फैलाई जा रही है. मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप ग्राउंड पर आकर असल हालात के बारे में सबको बताएं. बांग्लादेश में कुछ शुरुआती दिनों में हिंसा हुई थी, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है.”

हाफिकुल इस्लाम ने बांग्लादेश में हो रही हिंसा और तनाव को लेकर चल रही भ्रामक खबरों पर भी चिंता जताई और कहा कि मीडिया को बिना तथ्यों के रिपोर्टिंग से बचना चाहिए. उनका मानना है कि कुछ बाहरी तत्व इस मामले को बढ़ा-चढ़ा कर पेश कर रहे हैं. बांग्लादेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि हिंदू समुदाय के अधिकारों की सुरक्षा की जाएगी और किसी भी धार्मिक समूह या संस्था पर प्रतिबंध लगाने की उनकी कोई योजना नहीं है. इस हफ्ते की शुरुआत में हिंदू साधु चिन्मय कृष्ण दास को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया और बाद में कोर्ट ने उन्हें 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. इसके बाद अल्पसंख्यकों द्वारा देशभर में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं.

‘चिन्मय कृष्ण दास को मिलेगा निष्पक्ष मुकदमा’
हाफिकुल इस्लाम ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करेंगे कि दास को निष्पक्ष मुकदमा मिले.” बांग्लादेश के हाईकोर्ट ने गुरुवार को देश में इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने का आदेश देने से इनकार कर दिया, जब उसे पता चला कि अधिकारियों ने इस मामले को सुलझाने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं. सुप्रीम कोर्ट के वकील मोहम्मद मोनीर उद्दीन ने हाईकोर्ट की एक बेंच के सामने अखबार की रिपोर्टें पेश कीं और स्वतः संज्ञान लेते हुए बांग्लादेश में इस्कॉन की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की अपील की.

याचिका में आरोप लगाया गया है कि ISKCON “कट्टरपंथी गतिविधियों” में शामिल है जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं और साम्प्रदायिक हिंसा को भड़काती हैं, जैसा कि ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट में बताया गया है. हाफिकुल इस्लाम ने दोहराया, “मुझे मामले की सुनवाई के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन ISKCON को बांग्लादेश में प्रतिबंधित नहीं किया जाएगा.”

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