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90 से 95 प्रतिशत तक निःशुल्क दवाओं के वितरण मामले में पूर्वी चम्पारण शामिल

मोतिहारी, 29 अक्टूबर
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुल्क दवा वितरण के मामले में पूर्वी चम्पारण राज्य में टॉप टेन में आ गया रहा है। मरीजों को आवश्यक दवा वितरण, आपूर्ति और उपयोग में 90- 95 प्रतिशत के आंकड़ों में पूर्वी चम्पारण जिला शामिल है। वहीं “भव्या” में अग्रणी भूमिका निभाने पर बिहार को मुंबई में ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट अवार्ड भी प्राप्त हो चुका है। ये कहना है जिले के अनुश्रवण पदाधिकारी अमनुल्लाह अमन का। उन्होंने बताया कि लोगों को जागरूक करते हुए सरकारी अस्पतालों में कई प्रकार की दवाएँ उपलब्ध कराने के साथ पेपरलेश करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 22 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार अनुमण्डलीय अस्पताल ढाका, अरेराज और चकिया ने 100 प्रतिशत तक दवा की खपत और लॉगिन किया है। छौड़ादानो, आदापुर, तुरकौलिया और पीएचसी ने भी 100 प्रतिशत कार्य किया है। स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा देश के 24 राज्यों में ड्रग एंड वैक्सीन डिस्ट्रिब्यूशन मैनेजमेंट सिस्टम (डीवीडीएमएस) संचालित हैं। इसके माध्यम से अस्पतालों में दवा की उपलब्धता का प्रबंधन होता है। दवा स्टॉक से लेकर वितरण तक 11 मापदंडों पर बिहार देश में अव्वल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 2005 में अस्पतालों में स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की शुरुआत की थी। 2006 में बिहार ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन अपनाया। इसके तहत मुफ्त दवा वितरण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य अस्पतालों में किया जाता है।

भव्या एप के माध्यम से हो रहा है मरीजों का इलाज:

जिला डाटा एवं अनुश्रवण पदाधिकारी अमानुल्लाह अमन ने बताया कि सदर अस्पताल एवं स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाली प्रसूताओं एवं बच्चों की चिकित्सा भव्या ऐप के माध्यम से किया जा रहा है। इसके लिए आशा व स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उसी आधार पर चिकित्सक उनका इलाज करेंगे। इस संबंध में बताया गया कि भव्या ऐप पर रोगी की समस्त जानकारी उपलब्ध रहेगी। ऐसी स्थिति में रोगी कहीं भी जाएगा तो उसे उसके आधार के माध्यम से कहीं भी कोई भी चिकित्सक इलाज कर लेगा तथा उसे पहले किस प्रकार की चिकित्सा दी गई है, कौन सी दवा दी गई है, इन सभी चीजों का उल्लेख भव्या ऐप पर रोगी के प्रोफाइल में उपलब्ध मिलेगा।

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