जबलपुर. श्रीराम के असंख्य भक्त आपने देखे होंगे. लेकिन संस्कारधानी जबलपुर का एक शख्स 49 साल से रावण की पूजा कर रहा है. जिसके चलते उस शख्स का नाम लंकेश पड़ गया है. जहां एक तरफ नवरात्रि के मौके पर पूरा देश मां दुर्गा की महिमा में डूबा हुआ है. वहीं यह शख्स लंकेश की आराधना में लीन रहता है.
दरअसल हम बात कर रहे हैं पाटन के गांव में रहने वाले संतोष नामदेव उर्फ लंकेश की, जो पेशे से टेलर हैं. वह रावण भक्ति से इतना प्रभावित हैं कि 49 साल से रावण की पूजा कर रहे हैं. इतना ही नहीं रावण की मूर्ति भी रखते हैं




रावण की भक्ति से मिलता रहा सबकुछ
उन्होंने बताया कि रावण की भक्ति से उनकी सारी मनोकामना पूरी हुई है. इसलिए सालों से रावण की भक्ति कर रहे हैं. हालांकि उनकी इस भक्ति को देखकर ग्रामीण भी प्रभावित हुई लिहाजा अब धूमधाम से रावण की शोभायात्रा भी निकाली जाती है. उनका कहना है कि रावण बहुत विद्वान और ज्ञानी थे. रावण में कोई भी अवगुण नहीं थे. उन्होंने जो भी कुछ किया राक्षश कुल को तारने के लिए किया. इसका उदाहरण सीता के अपहरण के दौरान देखने को मिलता है. जहां उन्होंने अपहरण के बाद अशोक वाटिका में रखा. जहां किसी भी नर, पशु-पक्षी और राक्षस को जाने की अनुमति नहीं थी.


बेटों का नाम रखा मेघनाथ और अक्षय
लंकेश उर्फ संतोष नामदेव कहते हैं कि उन्होंने अपने दोनों बेटों का नाम मेघनाथ और अक्षय रखा है. जो रावण के पुत्रों के नाम थे. लंकेश पंचमी के दिन रावण की प्रतिमा स्थापित करते हैं और दशहरे पर विसर्जन भी कर देते हैं. लिहाजा इस अनोखी उपासना की वजह से संतोष नामदेव की अलग पहचान बन गई है. उन्होंने रावण को अपना गुरु और इष्ट देव मान लिया है. वहीं संतोष के बेटे भी इस परंपरा को अब आगे बढ़ा रहे हैं.





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