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सीएचसी बिरौल का प्रसव कक्ष लक्ष्य प्रमाणित

दरभंगा 18 सितम्बर : दरभंगा जिले के सीएससी बिरौल के प्रसव कक्ष को लक्ष्य कार्यक्रम के तहत प्रमाणीकृत कर दिया गया है. सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का लक्ष्य प्रमाणीकरण सरकार के सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है जिसके अंतर्गत उक्त संस्थान का राज्यस्तरीय मूल्यांकन में उत्तम प्रदर्शन रहा है. इस वर्ष राज्य के मात्र 4 संस्थानों के प्रसव कक्ष को लक्ष्य प्रमाणीकृत किया गया है जिसमें सदर हॉस्पिटल, लखीसराय को 92%, सदर हॉस्पिटल, बिहारशरीफ कद 71%, सदर अस्पताल, शेखपुरा को 93% एवं सीएचसी बिरौल को 92% स्कोर प्राप्त हुआ हैं. यह रैंकिंग राज्यस्तरीय निरीक्षण के बाद प्राप्त हुई है. अब केंद्रीय स्तर की टीम इसका मूल्यांकन करेगी. अस्पताल ने लक्ष्य असेसमेंट के सभी 5 मापदंडों को पूरा किया तथा लक्ष्य कार्यक्रम के तहत लेबर रूम को सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है.

तीन स्तर पर की जाती है रैंकिंग:
क्षेत्रीय कार्यक्रम प्रबंधक नजमुल होदा ने बताया कि लक्ष्य कार्यक्रम के तहत तीन स्तर पर रैंकिंग की जाती है. इसमें पहले स्तर पर जिला, दूसरे स्तर पर रीजनल स्तर पर रैंकिंग की जाती है. तीसरे स्तर पर राष्ट्रीय रैंकिंग की जाएगी. लक्ष्य मानकों के अनुरूप, अस्पताल में सुविधाएं मिलने के कारण ही सीएचसी बिरौल को लक्ष्य के लिए प्रमाणीकृत किया गया है. इसे लेकर उन्होंने अस्पताल के सभी स्वास्थ्यकर्मियों को बधाई भी दी है. उन्होंने बताया कि सफलता में प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक विनय भूषण, प्रसव कक्ष इंचार्ज कविता सिंह की विशेष भूमिका रही है. उन्होंने कहा कि इस अस्पताल में सभी मूलभूत सुविधाओं का लाभ आमजनों तक पहुंचेगा.

70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार:
डीसीक्यूए साकिर सिद्दीकी ने बताया कि तय मानकों के सापेक्ष 70 प्रतिशत उपलब्धि पर सांत्वना पुरस्कार दिए जाने का भी प्रावधान है। सांत्वना पुरस्कार के रूप में सदर अस्पताल को 3 लाख, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों या अनुमंडलीय अस्पतालों को 1 लाख एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को 50 हजार रुपए दिए जाते हैं।

राज्य स्तरीय टीम ने किया था निरीक्षण व मूल्यांकन कार्य:
प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक विनय भूषण ने बताया कि लक्ष्य प्रमाणीकरण को लेकर राज्यस्तरीय टीम ने 13 एवं 14 अगस्त 2024 को प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया था. निरीक्षण के उपरांत लेबर रूम में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं व उपलब्ध संसाधनों पर अपनी संतुष्टि जतायी थी. इसके साथ मौजूद नर्सों व डॉक्टरों से दी जा रही सेवाओं व व्यवहारिक रूप से दी जा रही सुविधाओं, चिकित्सीय उपकरणों के रखरखाव, इस्तेमाल के तरीके व मरीजों से संबंधित जानकारियों की रजिस्टर में इंट्री आदि तमाम बिंदुओं पर सकारात्मक नजरिया देखने को मिला था.

इन मानकों पर तय होते हैं पुरस्कार:

  • अस्पताल की आधारभूत संरचना
  • साफ-सफाई एवं स्वच्छता
  • जैविक कचरा निस्तारण
  • संक्रमण रोकथाम
  • अस्पताल की अन्य सहायक प्रणाली
  • स्वच्छता एवं साफ सफाई की स्थिति

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