(DEEPAK KUMAR)
बिहार पुलिस के प्रमुख डीजीपी आलोक राज रविवार को मुजफ्फरपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स का मनोबल ऊंचा करना, अपराध पर नियंत्रण करना और उत्साह बढ़ाना हमारी फोर्स की प्राथमिकता में है। इस दिशा में हम लगातार बेहतर कार्य करेंगे और अपराध पर अंकुश कैसे लगे, इसको लेकर संबंधित पुलिस अधिकारी को निर्देश दिए जाएंगे।गौरतलब है कि डीजीपी बनने के बाद आज रविवार को पहली बार आलोक राज जिले के सरैया थानाक्षेत्र के गोपालपुर नेऊरा गांव स्थित अपने पैतृक गांव पहुंचे। जहां ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान वे अपने पैतृक गांव के घर में गए और लोगों से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने अपने पैतृक गांव गोपालपुर नेऊरा में मंदिर में दर्शन पूजन करके आशीर्वाद प्राप्त किया। उसके बाद उन्होंने गांव की मजार पर माथा टेका। इस दौरान पूरे गांव में उत्साह का माहौल बना हुआ था। करीब एक घंटे से अधिक समय तक DGP डीजीपी आलोक राज अपने घर में रुके और लोगों से बातचीत की।पैतृक गांव के बाद DGP आलोक राज सीधे सर्किट हाउस पहुंचे। जहां उन्होंने पुलिस अधिकारियों से बातचीत की। उसके बाद सीधे एसएसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उसके बाद उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में एसएसपी राकेश कुमार, सिटी SP अवधेश दीक्षित, डीएसपी वेस्ट अभिषेक आनंद, डीएसपी सरैया कुमार चंदन, एसडीपीओ टाउन टू विनीता सिन्हा और एडिशनल एसपी ईस्ट सहरियार अख्तर सहित कई डीएसपी और आला अधिकारी मौजूद रहे।गौरतलब है कि पूर्व DGP आरएस भट्टी के केंद्रीय पुलिस फोर्स में जाने के बाद अब बिहार सरकार ने डीजीपी आलोक राज को बिहार के पुलिस बल की जिम्मेदारी सौंपी है। डीजीपी के रूप में पदभार ग्रहण करने के ही बाद आलोक राज पहली बार मुजफ्फरपुर पहुंचे और एसएसपी कार्यालय में अधिकारियों के साथ बैठक की।
डीजीपी आलोक राज ने कहा कि हमारा मकसद पुलिस का उत्साह वर्धन करना है और मनोबल को बढ़ाने के लिए आए हैं। इस दिशा में कार्य योजना बनाई जा रही है। वहीं, अपराध नियंत्रण के बिंदुओं पर विमर्श कर बेहतर पुलिसिंग की कार्य योजना बनाई जा रही है। साथ ही अपराध पर नियंत्रण कैसे किया जाए और बेहतर माहौल कैसे दिया जाए, इस दिशा में कार्य किए जाएंगे।








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