बाड़मेर : भारत में कई खनिजों का भंडार है. समय-समय पर खुदाई के दौरान इन खनिजों के भंडार का खुलासा होता रहता है. राजस्थान में भी कभी सोने की खदान मिलती है तो कभी कोई अन्य बहुमूल्य खनिज का खजाना हाथ लगता है. अब खबर सामने आई है कि राज्य के बारह जिलों में दुर्लभ खनिजों का भंडार मिला है. कहा जा रहा है कि इससे भारत की निर्भरता दूसरे देशों पर 95 प्रतिशत तक घट जाएगी.
इन छिपे हुए खनिजों की तलाश के लिए राज्य में रेयर अर्थ एलिमेंट एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना करने का प्लान बनाया जा रहा है. इस सेंटर के जरिये राज्य में मौजूद खनिजों की खोज की जाएगी. कहा जा रहा है कि इसमें लेटेस्ट तकनीक का प्रयोग किया जाएगा. जिस खनिज को ढूंढा जाएगा, उससे जुड़े उत्पाद का उद्योग भी बनाया जाएगा. ऐसे में उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा. सेंटर की स्थापना के लिए खनन विभाग के शोध कर्मी देश के कई संस्थानों और विशेषज्ञों से बातचीत कर रहे हैं.
इन जिलों की बदल सकती है किस्मत
राजस्थान के खान सचिव आनंदी ने कहा कि उनकी बातचीत कई विषेशज्ञों से चल रही है. कई एक्सपर्ट्स से वर्चुअली बातचीत हो चुकी है. अभी राजस्थान के बारह जिलों में छिपा हुआ खनिज होने की बात सामने आई है. इसमें बाड़मेर, जालौर, सिरोही, पाली, उदयपुर, भीलवाड़ा, नागौर, अजमेर, जयपुर के नीमकाथाना, राजसमंद, सीकर और बांसवाड़ा शामिल है. अभी तक की खोज में इस बातब के संकेत मिले हैं कि इन जिलों में छिपा हुआ खनिज है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक़, यहां कार्बोनेटाइट्स और माइक्रोग्रेनाइट चट्टानों में बस्तनासाइट, ब्रिटोलाइट, सिंचीसाइट और जेनोटाइम रेयर अर्थ एलिमेंट्स के भंडार मौजूद हैं
देश को होगा फायदा
अगर आगे की रिसर्च में खनिज मिल जाते हैं, तो इनके इस्तेमाल होने वाली चीजों के कारखाने का निर्माण भी किया जाएगा. इससे उद्योग जगत में भी बूस्ट आएगा और रोजगार भी बढ़ेगा. बताया जा रहा है कि खनिजों से बैटरी, लेजर बैटरी आदि बनाए जाएंगे. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन खनिजों से देश की नियरभरता चीन पर 95 प्रतिशत कम हो जाएगी. इसके साथ ही देश में कच्चे माल की प्रोसेसिंग भी शुरू हो जाएगी.








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