बिहार की बेटी प्रांजलि प्रष्ठा का 31वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक कांग्रेस में चयन
कहते है ईश्वर की सबसे खूबसूरत देन हैं बेटियां। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है मुजफ्फरपुर जिले की बेटी प्रांजलि प्रष्टा ने। प्रांजलि ने सिर्फ अपने माता पिता का ही नही पूरे राज्य का नाम रौशन किया है। बता दें कि जीरोमाईल निवासी प्रांजलि प्रष्ठा का 31 वीं राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक कांग्रेस में चयन हुआ है।


बता दें कि राष्ट्रीय स्तर पर कनिष्ठ वर्ग में पूरे भारत के सभी केंद्रीय विद्यालयों में से मात्र 15 बच्चों का चयन इसमें किया जाता है। जिसमें एक मात्र प्रांजलि प्रष्ठा ने पटना संभाग से एनसीएससी में अपना परचम लहराया है। प्रांजलि को बचपन से ही पर्यावरण व प्रकृति से खास लगाव रहा है।

प्रांजलि ने अपने प्रोजेक्ट में भी प्लास्टिक और सिंथेटिक फाइबर के बदले केले के तने का प्रयोग किया। और अपने बेहतरीन प्रदर्शन से निर्णायक मंडल को अपनी ओर ध्यान केंद्रित करने पर मजबूर कर दिया। प्रांजलि का प्रकृति के प्रति यह रूझान और उसका समर्पण हीं वह खास वजह थी जिसने प्रांजलि के नाम में सफलता के चार चांद लगा दिए।




प्रांजलि अपनी सफलता का श्रेय अपने विद्यालय अपने माता पिता को देती हैं। उनके पिता डॉक्टर सरोज कुमार मुजफ्फरपुर में दंत चिकित्सक है। डॉ.सरोज कुमार का कहना है कि उनकी बेटी उनका गर्व है, वो चाहते हैं कि उनकी बेटी आगे बढ़े और देश का नाम रौशन करे।










Leave a Reply