कोरोना (COVID-19) के बढ़ते ख’तरे के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने बड़ी चेतावनी दी है। WHO के महानिदेशक ने कहा कि पूर्वी यूरोप, लैटिन अमेरिका और कुछ एशियन देशों में कोरोना का बढ़ता संक्रमण चिं’ता का विषय है। यूरोपीय देशों में लॉकडाउन में ढील देने को लेकर WHO ने कहा कि यूरोप के देशों में कोरोना (Corona Virus) से संक्रमित मरीजों की संख्या कुछ घटी है जिसे देखते हुए लॉकडाउन में नरमी बरती जा रही है।
लेकिन इन देशों से अपील है कि वे मरीजों का पता लगाएं, टेस्ट करें और उनके एक-एक संपर्क का पता लगाएं ताकि मरीजों की संख्या और घ’टाई जा सके। हालांकि यह महामा’री अभी दूर होने में वक्त लगेगा। अफ्रीका, पूर्वी यूरोप, लैटिन अमेरिका और एशियाई देशों में महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए WHO ज्यादा चिंतित है।
WHO के डीजी ने साफ कहा कि इन देशों में टेस्टिंग कैपेसिटी बेहद कम है जिसके कारण मृतकों और बीमार लोगों का सही आंकडा पता चल पाना काफी कठिन है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) के महानिदेशक टेड्रोस अदहानोम गेब्रेयेसस ने कहा है कि कोरोना वायरस महामा’री खत्म होने में वक्त लगेगा। महामारी को देखते हुए उन्होंने बच्चों को लेकर चिंता जताई।

टेड्रोस ने कहा कि कोविड-19 से मौ’त की संख्या बढ़ रही है। महामा’री का असर अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जिसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) बहुत चिंतित है, खासकर बच्चों को लेकर। बच्चों पर भले अभी कोविड-19 की बीमा’री और मौ’त का ख’तरा कम है लेकिन अन्य बी’मारियों का ख’तरा बहुत है। इसे वैक्सीन के जरिये रोका जा सकता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) प्रमुख ने कहा कि जीएवीआई ग्लोबल नाम के वैक्सीन एलायंस का अनुमान है कि 21 देश ऐसे हैं जो वैक्सीन की कमी की शि’कायत कर रहे हैं क्योंकि कोरोना के चलते बॉर्डर बंद हैं और परिवहन का कोई साधन भी उपलब्ध नहीं है। एक नए विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि कोविड-19 के कारण सहारा-अफ्रीका के 41 देशों में मलेरिया के खिलाफ अभियान में अड़चन आने का खतरा है। हालत और ज्यादा खराब हुये तो सब-सहारा अफ्रीका के देशों में मलेरिया से मौतों की संख्या दोगुनी तक बढ़ सकती है।



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