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BreakingNews: राजस्थान में 3 मई के बाद भी राहत नहीं! CM गहलोत ने दिए साफ संकेत…

कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण के चलते पैदा हुए संकट को लेकर देशभर में 3 मई तक के लिए लॉकडाउन (Lockdown) लागू कर दिया गया है. अब मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने लॉकडाउन की अवधि को बढ़ाने के साफ संकेत दिए हैं. सीएम गहलोत राज्य और जिले की स्थानीय परिस्थितियों के हिसाब से लॉकडाउन को बढ़ाने या छूट देने के पक्ष में हैं. रविवार को एक नेशनल टीवी चैनल से बातचीत करते हुए गहलोत ने लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में राय जाहिर की.

3 मई के बाद लॉकडाउन हटाने के सवाल पर सीएम ने कहा कि ऐसा लगता नहीं है लॉकडाउन हटेगा. लॉकडाउन के आगे बढ़ने पर लोग मानसिक रूप से तैयार हैं. अब तक लोगों ने साथ दिया है और आगे भी देंगे. गहलोत ने कहा कि लॉकडाउन एक साथ हटने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता. गहलोत ने पीएम के सुझाव पर कहा कि लॉकडाउन लगाना आसान है, लेकिन हटाते वक्त हमें चारों तरफ से सोच विचार करना होगा. लोगों का व्यवहार, सोशल डिस्टेंसिंग का अनुशासन, हॉट स्पॉट के हालात और मरीजों की संख्या सहित सभी फैक्टर और सुविधाएं देखकर फैसला करेंगे.

‘लॉकडाउन एक साथ हटाने का सवाल ही नहीं’
सीएम ने कहा कि एक साथ लॉकडाउन हटाना न देश और न राज्य दोनों ही जगह संभव नहीं है. सीएम ने कहा कि मुझे नहीं लगता पीएम भी ऐसा करेंगे. पीएम पूरा फीडबैक ले रहे हैं. गहलोत ने कहा कि मेरा मानना है कि एक साथ लॉकडाउन नहीं हटाना चाहिए. यह राज्यों पर निर्भर करेगा. राज्य और केंद्र मिलकर ही योजना बनाएं. कोराना से जीतना केंद्र और राज्य का ध्येय है. इसे एक साथ हटाना भी नहीं चाहिए. गहलोत ने कहा कि पीएम से आग्रह करेंगे कि वे लॉकडाउन का फैसला राज्यों पर छोड़ दें.

‘लोगों की एक माह की तपस्या पर पानी नहीं फिरना चाहिए’
सीएम ने कहा कि सोमवार को पीएम के साथ वीसी है. खुलकर बात करेंगे. लोगों ने एक माह घर पर रहकर कड़ी तपस्या की है. उस पर पानी नहीं फिरना चाहिए. अभी सब केंद्र की गाइडलाइन के हिसाब से चल रहा है. दुकानें, उद्योग खुलें यह भी जरूरी है. बिना इकोनॉमी जिंदा कैसे रहेंगे. पीएम से आग्रह करेंगे कि वे लॉकडाउन का फैसला राज्यों पर छोड़ दें. हर राज्य की अलग परिस्थिति है. राज्य में भी जिलों में अलग अलग स्थिति है. कहीं पर कोरोना के मामले कम हैं, कहीं ज्यादा हैं और कहीं बिल्कुल नहीं हैं. जिलेवार अलग-अलग स्थिति है. लॉकडाउन पर उसी आधार पर फैसला होना चाहिए. बेलैंस करके चलेंगे तो कोई दिक्कत नहीं है.

‘भीलवाड़ा और रामगंज के हालात में अंतर’
भीलवाड़ा मॉडल के जयपुर में सफल नहीं होने के सवाल पर सीएम ने कहा कि भीलवाड़ा और जयपुर में फर्क है. जयपुर के रामगंज में बहुत सघन आबादी है. एक ही मकान में 15-20 लोग रहते हैं. फिर भी हमने सभी हॉट-स्पॉट पर भीलवाड़ा वाली ही रणनीति ही अपनाई है. कोरोना हॉट स्पॉट वाले इलाकों में कर्फ्यू लगाना, घर घर स्क्रीनिंग करना और ज्यादा से ज्यादा जांचें करना.

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