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#MUZAFFARPUR : सुशासन राज में पुलिस के नाक के नीचे फल-फूल रहा है जुए और सट्टे का अवै’ध धंधा

MUZAFFARPUR (ARUN KUMAR) : कहते हैं शराब एवं अफीम के नशे से भी ज्यादा जहरीला जुए का नशा होता है। नई पुरानी पीढ़ी दोनों ही शॉर्टकट से ज्यादा कमाने के चक्कर में बर्बाद हो रही है।
कमोबेश कुछ ऐसा ही हाल शहर मुजफ्फरपुर का है जहां शराब के साथ साथ, चर’स, गां’जा, स’ट्टा और जु’आ का अवैध कारोबार लगभग हर मोहल्ले में ही फल फूल रहा है.

एक अनुमान के अनुसार शहर में लगभग 2 से 3 करोड़ रूपए प्रतिदिन ताश के पत्तों पर बड़े स्तर पर जु’आ का खेल होता है. वहीं प्रतिदिन 8 से 10 लाख रूपए का सट्टा कारोबार भी चलता है. हैरत नहीं होनी चाहिए की यह सब चलता है पुलिस की नाक नीचे, 6 महीने में एक बार कार्रवाई भी होती है, पर वह पूर्व नियोजित होती है. वहीं हालात देखकर लगता है कि इस पूरे मामले में कहीं ना कहीं पुलिस की भी मिलीभगत है. क्योंकि जिस तरह लोग खुलेआम जु’आ और सट्टे के अवै’ध कारोबार में लिप्त हैं और कार्रवाई के अगले दिन ही कारो’बार फिर से चालू हो जाता है.

कभी कभार पुलिस दो-चार छोटे एजेंटों को पकड़ कर पुलिस अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है. जबकि हकीकत यह है कि जु’आरियों के कारना’मों को जानने के बाद भी पुलिस के स्थानीय और आला अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं,  क्योंकि ऐसी आशंका जताई जाती है कि इस अवैध धंधे को सफेदपोशों का भी संरक्षण प्राप्त है. 

जानकारों की माने तो जुए के खेल में रोजाना 40 से 50 लाख के दांव लगते हैं. जुए के प्रत्येक दांव में जो नाल कटता है वो प्रतिदिन का एक से डेढ़ लाख रूपए होता है, जिसमें दिन भर का खर्च हटाने के बाद बाकि रूपए साझेदारों में बंटते हैं. खेल जमने पर कभी कभी नाल के पैसे दो लाख रूपए तक पहुँच जाते हैं. इसके लिए बजाप्ता एक हिसाब लिखने वाला प्रत्येक खिलाडी का मुस्तैदी से पूरा ब्यौरा लिखता जाता है और हर एक दांव पर पूरी पैनी नजर बनाये रखता है और पूरा ब्यौरा लिखता जाता है.

सूत्र बताते हैं की इस अवैध धंधे के संचालन हेतु बड़े हाकिम से नीचे वाले साहब के पास प्रतिमाह एक युवक पोटली लेकर पहुँचता है, इस बिचौलिए वाले खेल में उसे प्रतिमाह 40 से 50 हजार रुपयों की कमाई हो जाती है, इनके अलावे जु’आरियों की ओर से भी उनकी जेबें गर्म होती रहती है.

इस धं’धे पर नके’ल क’सने और मुख्य धं’धेबा’जों को पकड़ पाने में जिला पुलिस पूरी तरह वि’फल है. जिले में जु’आ और स’ट्टा कारो’बारियों में एक दर्जन से अधिक बड़े नाम शामिल बताये जाते हैं. जिले के जु’आ/स’ट्टा कारो’बार में उनका क्षेत्र अलग-अलग बंटा हुआ है. जहां देर रात तक जुए का खेल चलता है.

यह खेल अधिकतर इतनी संकरी गली मुहल्लों में चलता है की पुलिस अथवा वरीय पदाधिकारियों के पहुँचने से पहले उन तक सूचना पहुँच जाती है और सभी भूमिगत हो जाते हैं. संबंधित थाना क्षेत्र के थानाध्यक्ष के तबादले और नवनियुक्त थानाध्यक्ष के पदभार ग्रहण करने के कुछ दिनों तक यह नेक्सस भूमिगत हो जाता है. कुछ दिन बीतते ही धंधा फिर से चालू हो जाता है.

इसमें मुख्य भूमिका निभाते हैं थाना के चालक, अधिकारियों के अंगरक्षक और चालक. अगर इनके मोबाइल के कॉल रिकॉर्ड की जांच की जाये तो सच्चाई सामने आने में तनिक भी विलम्ब नहीं होगा. इसके लिए गाहे-बेगाहे अलग से इनकी जेबें गर्म की जाती है. ठीक इसी तर्ज पर शराब का भी अवैध कारोबार भी निर्बाध गति से फल फूल ही नहीं रहा है बल्कि पुरे सिस्टम को ही कब्जे में कर रखा है. जिसके कारण जुआ/स’ट्टा खेलाने वाले एजेंट, अवैध शराब के कारोबारियों द्वारा बेखौ’फ होकर इस धं’धे को संचा’लित किया जा रहा है.

शहर के चंदवारा, लकड़ी ढाही, मालीघाट, सोडा गोदाम, आमगोला, खादी भंडार चौक, मदरसा चौक, पक्की सराय स्थित सराय में, महाराजी पोखर, चकबासु, रामबाग चौक, मालीघाट, संस्कृत कॉलेज के पास व कॉलेज के सामने कब्रिस्तान में, बनारस बैंक चौक स्थित नारायण साह कॉलोनी, कुंडल, सिकंदरपुर गौशाला के पीछे, श्मशान घाट, बालूघाट नाला रोड, माड़ीपुर, चतुर्भुज स्थान, तिनकोठिया, अमर सिनेमा, पानी टंकी चौक, कटही पुल, भगवानपुर, स्टेशन रोड, जिला परिषद मार्केट के निकट समेत शहर के 250 से अधिक स्थानों पर गे’सिंग/स’ट्टा और जुए का का’रोबार खु’लेआम चल रहा है. का’र्रवाई के नाम पर पुलिस न तो क’ड़े कदम उठा रही है, न ही कोई अभि’यान चला रही है, जिससे स’ट्टेबाजों के हौसले बुलं’द हैं. 

पूरे नेटवर्क को सफेदपो’शों और पुलिस का संर’क्षण प्रा’प्त बताया जाता है, परिणामतः इन अवैध का’ले कारो’बार से वे माला’माल हो रहे हैं. क्योंकि का’ले कारो’बारियों के हाथ का’नून से लंबे मालूम पड़ते हैं.

उल्लेखनीय है  कि मार्च 2023 में चतुर्भुज स्थान इलाके के मैना गली में जु’आ व स’ट्टा के संचालन व मा’दक पदार्थ की बिक्री की सूचना पर विशेष पुलिस टीम द्वारा की गई छा’पेमारी के दौरान एक गांव के मुखिया समेत 10 लोगों को सट्टा का रजिस्टर, ताश के पत्ते, एक लाख 11 हजार रुपये नकद, एक बाइक, छह मोबाइल समेत कई अन्य सामान के साथ गिर’फ्तार किया गया था.

ब्रह्मपुरा थाना के माड़ीपुर पुर पुल के नीचे सट्टेबाज़ी का संगठित अड्डा संचालित किए जाने की सूचना पर एएसपी नगर अवधेश दीक्षित के नेतृत्व में ब्रह्मपुरा थाना की पुलिस टीम गठित द्वारा छापेमारी करते हुए 17 लाेगाें काे 8 हज़ार रुपयों के साथ गिरफ्तार किया था.

सितम्बर 2022 में पुरानी बाजार स्थित सिनेमा हाल में संचालित जुए के अड्डे पर छापेमारी के दौरान 22 बाइक और चार जुआरियों को 40 हजार रुपयों के साथ गिरफ्तार किया था,  जिस दौरान उन्होंने मुख्य धं’धेबाज़ के नाम का खुला’सा किया था, जिसके आधार पर फरार अन्य चार लोगों को आरोपित बनाया गया. पर अब तक पुलिस मु’ख्य धं’धेबाज को नहीं पक’ड़ सकी है. खबर है की वे ही आरोपित जगह बदल कर बड़े पैमाने पर कई स्थानों पर जुआ और सट्टे का बेख़ौफ़ संचालन कर रहें हैं.

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