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बालू मक्खी के खात्मे के लिए नियमित हो दवा का छिड़काव: डीभीबीडीसीओ

मोतिहारी।
जिले में कालाजार उन्मूलन हेतु चलाए जा रहे आईआरएस छिड़काव कार्य की निगरानी भीडीसीओ व अन्य अधिकारियों के द्वारा की जा रहीं है। उचित मात्रा एवं सही तरीके से कर्मी दवा का छिड़काव करें। ताकि कालाजार के वाहक बालू मक्खी समूल नष्ट हो सके। डीभीबीडीसीओ डॉ शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि जिले के 23 प्रखंडों में कुल 01 लाख 83 हजार घरों में छिड़काव दल द्वारा दवा का छिड़काव किया जा रहा है। भीडीसीओ धर्मेंद्र कुमार, सत्यनारायण उरांव, गौतम कुमार ने सुगौली, मधुबनी घाट, पकड़ीदयाल, तुरकौलिया व अन्य प्रखंड क्षेत्र में जाकर निरीक्षण के क्रम में आईआरएस छिड़काव दल के सदस्यों, ग्रामीणों से मुलाकात करते हुए, घर-घर जाकर ग्रामीणों को घरों में ठीक ढंग से छिड़काव कराने को प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि आईआरएस छिड़काव कालाजार उन्मूलन के लिए है। भीडीसीओ सत्यनारायण उरांव ने ग्रामीणों को कालाजार से संबंधित लक्षण की जानकारी देते हुए आईआरएस छिड़काव को सफल बनाने का आह्वान किया।

मरीजों को मिलेगी 7100 रुपए श्रम क्षतिपूर्ति राशि:

जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शर्मा ने बताया कि प्रति मरीज 7100 की श्रम-क्षतीपूर्ति राशि भी दी जाएगी। ये राशि भारत सरकार व राज्य सरकार के तरफ से दिया जाता है। मरीजों के लिए 6600 की राशि मुख्यमंत्री कालाजार राहत अभियान के अंतर्गत वहीं प्रति मरीज 500 रूपये भारत सरकार के तरफ से दिया जाता है। उन्होंने बताया की कालाजार के लक्षण वाले मरीज मिलने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर उनकी समुचित जांच की जाएगी। साथ हीं कालाजार की पुष्टि होने पर पूर्ण उपचार भी किया जाएगा जो पूरी तरह से निःशुल्क होगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत महादलित बस्तियों, गौशालाओं एवं झुग्गी-झोपड़ियो को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है। इन स्थानों पर कालाजार के मरीज व बालू मक्खी मिलने की संभावना ज्यादा होती हैं।

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