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UP-बिहार वालों…अब करो छपाक-छपाक! दिल्ली पर भी होगी इंद्रदेव की कृपा, मगर कब? 

नई दिल्ली: ईश्वर की अजीब माया, कहीं धूप तो कहीं छाया…देश के मौसम पर यह कहावत सटीक बैठ रही है. एक ओर जहां केरल, महाराष्ट्र और गुजरात में मानसून की बारिश हो रही है. वहीं, उत्तर भारत को अब भी मानसून का इंतजार है. उत्तर भारत में भंयकर गर्मी पड़ रही है. दिल्ली-एनसीआर, यूपी और बिहार समेत कई राज्यों के लोग आसमान पर टकटकी नजर लगाए बैठे हैं. कब झटपट बादल बरसेंगे, सबको इंतजार है. मगर मानसून का अब बहुत लंबा इंतजार नहीं रह गया है. इसी महीने मानसून कई राज्यों को सराबोर करने वाला है. महाराष्ट्र और केरल जैसे कुछ राज्यों में मानसून समय से पहले ही आ गया. जबकि झारखंड, बिहार, दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों को अभी भी राहत का इंतजार है.

इस बीच आईएमडी यानी भारतीय मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और झारखंड के कुछ हिस्सों में 16 जून तक लू चलने का अनुमान जताया है, जबकि दिल्ली में 18 जून तक लू चलने की चेतावनी जारी की गई है. यानी 18 जून तक राहत की कोई उम्मीद नहीं है. बिहार, यूपी और पूर्वोत्तर भारत के अन्य राज्यों में भी अभी लोग पसीने से तरबतर होते रहेंगे. खटाखट बारिश की उम्मीद करना तब तक बेमानी है, जब तक मानसून दस्तक नहीं दे देता. अब सवाल उठता है कि जब केरल से होते हुए महाराष्ट्र और गुजरात मानसून पहुंच गया तो फिर अब कहां अटक गया है.

भारत में अभी मानसून कहां है?
आईएमडी यानी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों में मानसून ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी इलाकों को कवर कर सकता है. मानसून पर नजर रखने वालों ने कहा कि उत्तर-पश्चिम से आने वाली निम्न-स्तरीय गर्म हवाएं बंगाल की खाड़ी के ऊपर कमजोर मानसून को प्रभावित कर रही हैं और मध्य और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में गर्म मौसम की स्थिति को बढ़ा रही हैं. यही वजह है कि अभी गर्मी का प्रकोप जारी है. आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, इस मौसम में अब तक पूरे देश में मानसून की बारिश सामान्य से 4 प्रतिशत कम रही है. खासकर उत्तर-पश्चिम भारत में 53 प्रतिशत की महत्वपूर्ण वर्षा की कमी देखी गई है. इस बीच दक्षिण भारत में 1 से 12 जून तक सामान्य से 60 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई.

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