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रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं, लोगों को रक्तदान करने को आगे आने की है जरूरत: डॉ पासवान

मोतिहारी।
विश्व रक्तदान दिवस के मौके पर जिले के सदर अस्पताल मोतिहारी में ब्लड डोनेशन कैंप (रक्तदान शिविर) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एसीएमओ सह प्रभारी सिविल सर्जन डॉ श्रवण कुमार पासवान ने कहा कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। उन्होंने कहा कि युवाओं व आम लोगों को रक्तदान हेतु आगे आने की है जरूरत है। डॉ पासवान ने बताया कि स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में एकबार जरूर रक्तदान करना चाहिए। एक यूनिट रक्तदान करने से किसी प्रकार की कोई तकलीफ या कमजोरी नहीं होती है। लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए दुनिया भर में हर साल 14 जून को विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। ताकि लोग ब्लड डोनेशन के प्रति जागरूक होकर रक्त की कमी से जूझ रहें लोगों को रक्त आसानी से उपलब्ध हो सकें, उन्होंने समाजिक संगठनों, युवाओं व आम लोगों से रक्तदान करने की अपील की। वहीं डीएस डॉ अवधेश कुमार ने कहा कि डिलीवरी, दुर्घटनाग्रस्त, गंभीर एनीमिया ग्रस्त या गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों को रक्त चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। मोतिहारी सदर अस्पताल में जरूरत के हिसाब से मरीज को रक्त निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। मौके पर कई लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

स्वस्थ लोगों को करना चाहिए रक्तदान:

ब्लड बैंक नोडल अधिकारी डॉ जीडी तिवारी ने बताया कि जो लोग स्वस्थ हैं। कोई गंभीर समस्या नहीं है वे रक्तदान कर सकते हैं। स्वस्थ लोगों को एक बार में एक यूनिट रक्तदान करने से कमजोरी नहीं होती है। वहीं बीपी, ह्रदय, मोटापा व अन्य रोगों से रक्षा होती है। पीलिया से ग्रस्त, खासकर हेपेटाइटिस बी या सी या फिर एनीमिया से ग्रस्त रह चुके लोगों को रक्तदान से बचना चाहिए। उन्होंने बताया कि एक बार में एक यूनिट (लगभग 300-350 मिली.) रक्त दिया जा सकता है। मानव शरीर में इतनी क्षमता होती है कि अगर एक यूनिट रक्तदान कर रहे हैं तो अगले दो-तीन दिनों में बोन मैरो उसकी भरपाई करना शुरू कर देता है। दोपहर 2 बजे तक 10 यूनिट रक्तदान किया जा चूका था।

रक्तदान से पहले ध्यान रखें ये बात:

रक्तदान से पहले हाइड्रेट रहने के लिए कहा जाता है। खाली पेट रक्त दान नहीं करना चाहिए। रक्तदान के बाद भी पर्याप्त द्रव्य और सेहत पूर्ण आहार लेना चाहिए। अगर थोड़ी कमजोरी महसूस हो रही है तो आधा घंटे के लिए आराम कर लेना चाहिए। रक्तदान से पहले रक्तदाता और मरीज की हेपेटाइटिस, एचआईवी और मलेरिया जैसे जरूरी जांचें होती हैं। अगर रक्त नमूने में कोई भी बीमारी पॉजिटिव आती है तो पूरी गोपनीयता रखते हुए ब्लड बैंक रक्तदाता को जानकारी देता है। यह जानकारी किसी अन्य के साथ साझा नहीं की जाती। कोई बीमारी चिह्नित होने पर जांच और उपचार में सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

इस अवसर पर एसीएमओ सह प्रभारी सिविल सर्जन डॉ श्रवन पासवान, उपाधीक्षक डॉ अवधेश कुमार, अस्पताल प्रबंधक डॉ कौशल दुबे, ब्लड बैंक नोडल अधिकारी डॉ जीडी तिवारी, लैब टेक्निशियन रोहित राज सहित सभी पदाधिकारी मौजूद थे।

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