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WhatsApp पर सहरी-इफ्तार, लॉकडाउन में ऐसे शुरू हुआ रमजान का महीना…

रमजान का पवित्र महीना शुरू होने के साथ ही देश भर में इमामों की शीर्ष संस्था ने मुसलमान समुदाय के लोगों से घरों में ही नमाज अदा करने और कोरोना वायरस के कारण मस्जिदों में इकट्ठा नहीं होने की अपील की. जिसके चलते इस बार सहरी और इफ्तार के समय की जानकारी व्हाट्सऐप क जरिये दी जा रही है. लॉकडाउन की वजह से लोग अपने अपने घरों में डिजिटल ट्रांजिक्शन के जरिये जकात (दान) दिया जा रहा है तो वहीं तराबी की नमाज़ घर पर ही पढ़ी जा रही है.

रोजेदारों का कहना है कि इस बार लॉकडाउन की वजह से सभी लोग घर में हैं. ऐसे में उन्हें रमजान के दौरान इबादत करने के लिए आराम से पूरा वक़्त मिल रहा है. सभी लोग मिलकर कोरोना वायरस के देश से खात्मे की दुआ कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि अब जब हम कहीं बाहर नहीं जा सकते हैं तो वीडियो कॉल के जरिये परिवार के अन्य सदस्यों को सहरी और इफ्तार के समय जोड़ लेते हैं. हालांकि लोग दुकानों में देखी जाने वाली रौनक को भी काई ज्यादा याद कर रहे हैं.

दिल्ली में लॉकडाउन के बीच शनिवार को रमजान का पहला रोजा बीत गया. इस दौरान अधिकतर बाजारों और मस्जिदों में सन्नाटा पसरा रहा, जोकि इससे पहले रमजान के दौरान पहले कभी नहीं देखा गया. लॉकडाउन के चलते लोग घरों में रहे और आसपास की ज्यादातर दुकानें भी बंद रहीं.
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पुरानी दिल्ली के लाल कुआं के रहने वाले बुरहानुद्दीन ने कहा, ‘रमजान के दौरान त्योहारों जैसा माहौल होता है. लोग बाजारों की ओर उमड़ते हैं और मस्जिदों में भी नमाजियों की आमद बढ़ जाती है. लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते वह रौनक गायब है और लोग अपने घरों में बैठे हैं.’

चांदनी चौक और करीब में ही जामा मस्जिद समेत पुरानी दिल्ली में खान-पान की दुकानें रमजान के दौरान न केवल रोजेदारों बल्कि खान-पान के शौकीनों से खचाखच भरी रहती थीं, लेकिन शनिवार को यहां लॉकडाउन का साफतौर पर असर देखा गया कि केवल कुछ ही ज़रूरत की दुकानें खुली रहीं.

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