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चार यूपीएचसी को मिला एनक्यूएएस का राज्य स्तरीय सर्टिफिकेट

पटना। राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) की रेस में अब शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (यूपीएचसी) भी शामिल हो गये हैं। इस वर्ष 10 यूपीएचसी ने एनक्यूएएस के राज्य सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन दिया था। इसमें से चार शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को राज्य स्तरीय एनक्यूएएस सर्टिफिकेट मिला है। इसमें गया जिले का इकबाल नगर और कटारी हिल तथा पूर्णिया जिले का पूर्णिया कोर्ट और माता चौक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शामिल है। इसके अलावा बाकी 6 का अससमेंट बाकी है। अब राज्य स्तरीय एनक्यूएएस सर्टिफिकेट मिलने के बाद गया के दोनों यूपीएचसी ने राष्ट्रीय असेसमेंट के लिए आवेदन भी कर दिया है। उम्मीद है कि इसी मई महीने के अंत तक दोनों जगहों पर राष्ट्रीय टीम जांच संपन्न कर लेगी। इसके अलावा, राज्य में 40 यूपीएचसी ऐसे हैं जो कायाकल्प सर्टिफिकेशन प्राप्त कर चुके हैं।

यूपीएचसी को 12 मानकों पर करना पड़ता है काम, 70 प्रतिशत अंक लाना जरूरी:

नेशनल अर्बन हेल्थ मिशन के स्टेट प्रोग्राम मैनेजर मो. मसऊद आलम ने बताया कि जुलाई 2023 में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए मिशन एनक्यूएएस के तहत पहली बार हम लोगों ने एक्शन प्लान पर विचार किया और इसके लिए जरूरी इंडिकेटर पर काम करना शुरू किया। मो. मसऊद आलम ने बताया कि चूँकि शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ दिन में संचालित होते हैं, इसलिए इनके एनक्यूएएस सर्टिफिकेट के लिए मानक जिला अस्पताल से भिन्न हैं। उन मानकों में कम से कम 70 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं। जिन मानकों पर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काम करती हैं उनमें जनरल क्लीनिक, मेटरनल हेल्थ, न्यू बॉर्न एंड चाइल्ड हेल्थ, टीकाकरण, फैमिली प्लानिंग, संचारी रोग, गैर संचारी रोग, आउटरीच, फार्मेसी, लैबोरेट्री, ड्रेसिंग रूम और इमरजेंसी, जेनरल एडमिनिस्ट्रेशन, वेस्ट मैनेजमेंट, फायर सेफ्टी, इलेक्ट्रिसिटी लोड असेसमेंट शामिल हैं।

कैसे होता है मानकों का असेसमेंट:

मानकों के असेसमेंट के लिए चार तरीके हैं जिसमें स्वास्थ्य केंद्र का ऑब्जर्वेशन, स्टाफ इंटरव्यू, रिकॉर्ड रिव्यू और पेशेंट इंटरव्यू शामिल हैं।

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