मुजफ्फरपुर (अरुण कुमार) : कांग्रेस कार्यालय तिलक मैदान में मंगलवार को आयोजित पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय उपाध्याय ने कहा प्रधानमंत्री मोदी की विदाई के सिर्फ़ तीन हफ़्ते बचे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव की दिशा अब बिल्कुल साफ़ है। आगामी 4 जून को पिछले 10 साल के अन्याय से जनता को मुक्ति मिलेगी और नागरिक अधिकारों से युक्त कांग्रेस पार्टी के 25 गारंटियों से देशवाशियों को शक्ति मिलेगी।
पाँच न्याय के संकल्पों के साथ प्रत्येक वर्ग को ताक़त देने का हम काम करेंगे। झूठ व जुमले से त्रस्त देश की जनता तानाशाह के इरादों को भाँप चुकी है। सब समझ रहें है 400 पार के नारों के इरादें को कि कैसे बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर जी के संविधान को बदलने की साज़िश की जा रही है? लोकतंत्र की हत्या करनेवालों के मंसूबे कभी कामयाब नहीं हो होंगे। कांग्रेस का न्याय रथ लोकतंत्र की रक्षा के लिए मुस्तैदी के साथ आगे बढ़ रहा है।
चौथे चरण ख़त्म होने के साथ अब तक 379 सीटों के लिए मतदान संपन्न हो चुका है। यह बिल्कुल स्पष्ट है कि भाजपा दक्षिण में साफ़, उत्तर, पश्चिम और पूर्वी भारत में हाफ़ होने जा रही है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री के चेहरे पर घबराहट साफ़ दिख रही है। वह हर चरण की वोटिंग के बाद और भी ज़्यादा हताश और निराश दिखने लगते हैं।
प्रथम चरण की वोटिंग के बाद उन्होंने लोगों को डराना शुरू कर दिया और ध्रुवीकरण का सहारा लिया। दूसरे चरण के बाद वह हास्यास्पद रूप से भैंसों को छीनने की साज़िश का आरोप लगाने लगे और बेशर्मी से झूठ बोलने लगे। तीसरे चरण के मतदान के बाद तो उन्होंने पूरी तरह से अपना नियंत्रण ही खो दिया है – आरोप लगाया कि उनके दो सबसे पसंदीदा मित्र के पास काला धन भरा हुआ है, जिसकी सप्लाई वे टेम्पो से करते हैं।
जैसे-जैसे चुनाव वैसे-वैसे घबराहट, बौखलाहट, छटपटाहट बढ़ने लगी है, साहेब को सत्ता जाने का डर सताने लगा है। रातों की नींद उड़ चुकी है। साहेब के धन्नासेठ मित्रों के अवैध अर्जित लाखों-करोड़ों की संपत्तियों के जाने का भय स्पष्ट उनके चेहरे पर दिख रहा है।
देश की जनता अब मोदीजी के झाँसे में नहीं आनेवाली है। लोग मोदीजी से पूछ रहें है- आपकी पिछली गारंटियों का क्या हुआ? बुलेट ट्रेन का क्या हुआ? स्मार्ट सिटी किस ग्रह पर बनवाया? महंगाई से कब मिलेगी मुक्ति? रुपया डॉलर के मुक़ाबले क्यों गिरता ही जा रहा है? काला धन कितना वापिस आया? 20 करोड़ नौकरियों के वादों का क्या हुआ? किसानों की आय क्यों दोगुनी नहीं हुई? वादा था किसानों को MSP पर दो गुणी आय का, पर क्यों मिली उन्हें पुलिस की गोलियाँ ?
मोदीजी पिछले दस साल से देश को मूल मुद्दों से भटकाने में लगें है। आप सबने इस चुनाव प्रचार के मध्य मोदी जी के जुबान से सुना होगा-
म से मटन, म से मछली, म से मंदिर, म से मुसलमान, म से मंगलसूत्र; लेकिन कभी आपने सुना देश के मूल मुद्दों- जन मुद्दों पर बात करते, नहीं ना। म से मंहगाई पर जुबान बंद, म से मणिपुर पर जुबान बंद, म से महिला सुरक्षा पर जुबान बंद। कभी तो मुद्दों पर मुँह खोलिए साहेब? कभी तो सच बोलिये साहेब?
जिस तरह देश में मोदी जी की गारंटियों का पोल खुल चुका, वैसे ही प्रदेश की असहाय बीजेपी-जदयू सरकार के वादों का डोल कुछ ही महीनों में फुट चुका है। जनता के साथ धोखा देनेवाली डबल इंजन की “बेवफ़ा बीजेपी” सरकार से प्रदेश के लोग पूछ रहे है: “क्या हुआ तेरा वादा- वो क़सम वो इरादा”
चुनाव के वक्त आजकल प्रधानमंत्री जी बार-२ बिहार भ्रमण पर झूठ बोलने आ रहें है। उनसे बिहारवासी कुछ तथ्यात्मक प्रश्नों का जवाब चाहते है:-
1. स्मार्ट सिटी और नमामि गंगे के फंड कहां गायब हो गए?
2. भाजपा और JDU की सरकार एक और पेपर लीक को रोकने में क्यों विफल रही?
3. बिहार में ना कोई केंद्रीय विश्वविद्यालय, ना कोई स्तरीय अस्पताल बनवाया गया। सिर्फ़ जुमला ही जुमला क्यों?
4. मुजफ्फरपुर, पूर्णिया या भागलपुर में हवाई अड्डे के लिए जो वादे किए गए थे, उनका क्या हुआ?
5. अग्निपथ योजना को लेकर प्रधानमंत्री इतने उत्सुक क्यों हैं?
6. बिहार की चीनी मिलें बंद क्यों पड़ी हैं?
मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार मुकुल, भारत जोड़ो यात्रा के मीडिया काँडिनेटर अरूण त्रिपाठी, जिला प्रवक्ता समीर कुमार, महताब आलम सिद्दकी, मुकेश त्रिपाठी, विकास कुमार टुल्लु, सविता श्रीवास्तव, रितेश कुमार सिन्हा, मोजक्कीर रहमान, सुरेश चन्द्रवंशी, विक्की चौधरी, सागर श्रीवास्तव आदी मौजूद रहे ।










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